प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गो के व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना…

ख़बरें टी वी : पिछले 15 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ.. ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें… ई. शिव कुमार, “ई. राज” -9334598481.
.. हमारी मुहिम .. नशा मुक्त हर घर .. बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे ..
… हमारे प्लेटफार्म पर गूगल द्वारा प्रसारित विज्ञापन का हमारे चैनल के द्वारा कोई निजी परामर्श नहीं है, वह स्वतः प्रसारित होता है …
ख़बरें Tv: नालन्दा इसलामपुर प्रखंड के बेशवक पंचायत के वीरा विगहा प्राथमिक विद्यालय में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार व नालन्दा जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं अनुमंडलीय/ तालुका विधिक सेवा समिति के तत्वाधान में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन नालन्दा प्राधिकार जिला जज सह अध्यक्ष गुरुविन्दर सिंह मलहोत्रा व सचिव राजेश कुमार गौरव व हिलसा तालुका सेवा समिति के अध्यक्ष सह एडीजे आलोक कुमार पाण्डेय व सचिव सह एसडीजेएम शोभना स्वेतांकी के संयुक्त निर्देशन में एवं पैनल अधिवक्ता विजय कुमार व हिलसा विधिक सहायता केन्द्र में डिपुट पाराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) आलोक कुमार के कुशल नेतृत्व में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया / जिसका शीर्षक कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न प्रतिषेध निवारण रोकथाम अधिनियम 2013 विषय पर कानूनी जागरूकता हेतु हम सब एकत्र हुए हैं /
सर्व प्रथम पीएलवी आलोक कुमार ने परिचय सत्र के दौरान नालन्दा जिला विधिक सेवा प्राधिकार का गठन व उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्राधिकार का गठन वर्ष 1987 में किया गया था लेकिन इसे 9 नवम्बर 1995 से पूरे देश में लागू हुआ/
प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गो जैसे निर्धन , महिलाएँ , बच्चे , अनुसूचित जाति , जनजाति और विकलांग व्यक्तियों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करना है / इतना ही नहीं समय समय पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करना/ सुलह समझौते व मध्यस्थता के आधार पर विवादों को निपटाया जाता है /
जिलाधिकारी प्राधिकार के उपाध्यक्ष होते हैं एवं एसपी सदस्य होते हैं / जिला एवं सत्र न्यायाधीश इसके अध्यक्ष होते है / न्यायायिक अधिकारी सचिव होते हैं /
कानूनी जागरूकता न केवल व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा करती है , बल्कि समाज में समानता और न्याय को बढ़ावा देती है / फ्रॉण्ट ऑफिस व ईसेवा केन्द्र का संचालन किया जा रहा है /
पैनल अधिवक्ता विजय कुमार ने कहा ,कि कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम निषेध और निवारण अधिनियम 9 दिसम्बर 2013 से प्रभाव में आया / Posh Act 2013 हमें यह सिखाता है कि सम्मान समानता और सुरक्षा हर महिला का अधिकार है /
कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न केवल एक महिला की समस्या नहीं बल्कि समाज और कार्य संस्कृति की गंभीर चुनौती है /
इस कानून का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित सम्मानजनक और भयमुक्त कार्यस्थल सुनिश्चित करना है /
यौन उत्पीड़न की धारा 2 (एन )के अनुसार यौन उत्पीड़न में निम्नलिखित शामिल है –
शारीरिक सम्पर्क , अश्लील बाते , अश्लील चित्र, संदेश या विडियो दिखाना या भेजना , किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कोई भी व्यवहार इत्यादि /
यह सब चाहे प्रत्यक्ष रूप से हो या ऑनलाईन या डिजिटल माध्यम से दोनों ही यौन उत्पीड़न के अन्तर्गत आते हैं /
इन्होंने कर्मस्थल के अन्तर्गत क्या क्या आते हैं ? बताते हुए कहा कि सरकारी एवं निजी कार्यालय फैक्ट्री, दुकान, संस्थान , स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालय , अस्पताल , नर्सिग होम इत्यादि /
इसके लिए शिकायत समिति का गठन किया गया है /
जिसमें जहाँ दस या उससे अधिक कर्मचारी हो वहाँ आंतरिक शिकायत समिति कार्य करती है /
एक स्थानीय शिकायत समिति है जिसमें दस से कम कर्मचारी हो या असंगठित क्षेत्र हो वहाँ जिला स्तर पर इसकी समिति कार्य करती है /
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि पीड़ित महिला घटना के 3 माह के भीतर लिखित शिकायत कर सकती है /
जाँच प्रक्रिया 90 दिनों में पूर्ण की जाती है / गोपनीयता बनाए रखना अनिवार्य है /
पीड़िता को मिलने वाले अधिकार में निष्पक्ष और गोपनीय जाँच अस्थायी राहत दोषी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाई मानसिक , आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा इत्यादि /
महिलाओं की गरिमा की रक्षा करना , कार्यस्थल पर समानता , भयमुक्त वातावरण , न्याय तक आसान पहुँच इत्यादि कानून का महत्व को दर्शाता है /
भारत का एक केन्द्रीय कानून है /
महिला उत्पीड़न से जुड़ी कई धाराये हैं जिसमें कुछ मुख्य धारायें इस प्रकार है –
धारा 354 लज्जाभंग ,354A शारीरिक सम्पर्क, 354 B निर्वस्त्र करने का प्रयास ,354 c अश्लील विडियो बनाना ,354 D लगातार पीछा करना , एवं धारा 509 हावभाव इशारा या लज्जा का अपमान करना इत्यादि /
हम सभी मिलकर इस कानून के प्रति जागरूक बने और एक सुरक्षित संवेदनशील एवं न्यायपूर्ण कार्यस्थल का निर्माण करें/
इस मौके पर मनोज कुमार सिंह , रामदहीन प्रसाद , संतोष कुमार वार्डसदस्य, सुनील प्रसाद, विमल कुमार , मधेश मिस्त्री , दिनेश प्रसाद, पुनम कुमारी पंचायत समिति , रेखा देवी , रीना देवी , सुनैना देवी , पिंकी कुमारी , बेबी देवी , नीलम देवी , पुनम देवी , शकुन्ती देव पंच , संतोष कुमार वार्ड इत्यादि ने भाग लिये /
