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#bihar: नालंदा डीएम की पाठशाला – उन्होंने कहा ”एकलव्य की तरह सीखने का जुनून रखें, सफलता स्वयं आपके पास आएगी”…

Bykhabretv-raj

Aug 2, 2026

नालंदा डीएम की पाठशाला – उन्होंने कहा ”एकलव्य की तरह सीखने का जुनून रखें, सफलता स्वयं आपके पास आएगी”…

 

विपरीत परिस्थितियों में हार न मानकर अपने लक्ष्य को पाना ही सबसे बड़ी साधना है। बदलाव के लिए किसी बड़े पद या कुर्सी का इंतजार न करें, आप जहाँ हैं, वहीं से क्रांति की शुरुआत करें।
— जिलाधिकारी, नालंदा
• छात्राओं की सुरक्षा चिंताओं पर तुरंत ध्यान देते हुए टोल-फ्री नंबर (112, 181, 1098) की जानकारी दी गई और कॉल करने पर 10 मिनट के भीतर पुलिस कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया।
• ⁠शिकायत करने वाली छात्राओं पहचान पूरी तरह गुप्त रखने का निर्देश दिया गया, जबकि असामाजिक तत्वों और मनचलों की पहचान सार्वजनिक कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की बात कही गई।
• ⁠जिलाधिकारी ने एकलव्य का उदाहरण देकर विपरीत परिस्थितियों में लक्ष्य पाने की प्रेरणा दी तथा छात्राओं को रील्स में समय न गंवाकर AI और इंटरनेट के सही उपयोग की सलाह दी।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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​#ख़बरें Tv: बिहारशरीफ (नालंदा)*: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना के अंतर्गत समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में एक बेहद भावुक, प्रेरणादायक और बदलाव की नई अलख जगाने वाले संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी,नालंदा, श्रीमती उदीता सिंह ने एसoएसo बालिका उच्च विद्यालय, बिहारशरीफ की छात्राओं से सीधे संवाद की।
​यह संवाद सिर्फ प्रशासनिक बैठक नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों, उनकी सुरक्षा, और उनके आत्मविश्वास को नए पंख देने वाला एक भावुक क्षण बन गया।

​*सपनों की उड़ान और शहर का अपनापन*
​कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं के मुस्कुराते चेहरों और उनके भविष्य की महत्वाकांक्षाओं पर चर्चा से हुई। जब जिलाधिकारी ने छात्राओं से पूछा कि वे अपने शहर के बारे में दूसरों को क्या तीन खूबियों और सुधार योग्य तीन बिंदुओं के बारे में बताना चाहेंगी, तो छात्राओं ने गर्व से कहा— “हमारा नालंदा प्रदूषण मुक्त है और यहाँ सभी धर्मों के लोग अपार सौहार्द, अमन और चैन के साथ मिलकर रहते हैं।”
​छात्राओं ने जहाँ शहर के पार्कों और शिक्षा के माहौल की तारीफ की, वहीं शहर की बेहतरी के लिए कचहरी और कुछ क्षेत्रों में विशेष सफाई, ट्रैफिक सुधार तथा बिजली के तारों को दुरुस्त करने जैसे परिपक्व सुझाव भी दिए।

​*मनचलों पर करारा प्रहार: “आप बोलेंगी, तभी बदलाव आएगा”*
​संवाद के दौरान जब छात्राओं ने ढलती शाम के साथ नई सराय से कन्या मध्य विद्यालय रोड पर असामाजिक तत्वों और मनचलों की छेड़खानी की वजह से लगने वाले डर का ज़िक्र किया, तो माहौल थोड़ा संवेदनशील हो गया।
​जिलाधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए बेटियों को सुरक्षा का पूरा भरोसा दिलाया और उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्राओं द्वारा बताए गए स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाए, दोषी तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए। साथ ही विद्यालय में सभी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों के पोस्टर लगाने एवं समय-समय पर छात्राओं को इनके संबंध में जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
​आपातस्थिति में टोल-फ्री नंबर 112- पुलिस कंट्रोल रूम, 181-वोमेन हेल्पलाइन और 1098- चाइल्ड हेल्पलाइन, पर निसंकोच कॉल करें। पुलिस की टीम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचेगी।
जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया दिया कि वे विद्यालयों एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर साइनेज बोर्ड और मॉर्निंग असेंबली (चेतना सत्र) के माध्यम से इन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

*विपरीत परिस्थितियाँ ही बनाती हैं महान*
छात्राओं में नया जोश भरते हुए जिलाधिकारी ने महाभारत के एकलव्य का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि एकलव्य ने बिना गुरु के सिर्फ अपने अटूट जुनून (पैशन) के बल पर धनुर्विद्या सीखी थी।
​”जो विपरीत परिस्थितियों में सीखता है, उससे बड़ा कोई साधक नहीं होता। मुश्किलों से डरना नहीं, उनका डटकर सामना करना है। अगर कहीं कुछ गलत हो रहा है, तो दो कदम आगे बढ़कर उसे रोकें। जब बेटियां पहल करेंगी, तो असामाजिक तत्व अपने आप पीछे हटेंगे।”

*रील्स से दूरी, AI और इंटरनेट का सदुपयोग करें*
डिजिटल युग में छात्राओं के मार्गदर्शन के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ज्ञान का एक अद्भुत भंडार हैं।

​सोशल मीडिया पर रील्स देखकर समय बर्बाद न करें, बल्कि एआई और इंटरनेट की मदद से अपने लक्ष को प्राप्त करें।
एआई का उपयोग अपनी पढ़ाई, करियर और योजनाओं की जानकारी किसी भी भाषा (मगही, भोजपुरी आदि) में पाने के लिए करें। सरकार और जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया पेजों को फॉलो करें ताकि जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाया जा सके।

​ICCC और वन स्टॉप सेंटर का एक्सपोजर विजिट
​संवाद के बाद छात्राओं को व्यवहारिक जानकारी देने और उनका आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (ICCC) का भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने शहर की सुरक्षा के लिए लगे 491 कैमरों, 15 स्थानों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम और 10 प्रमुख स्थानों पर स्थापित ‘इमरजेंसी कॉल बॉक्स’ (हेल्प बटन) की कार्यप्रणाली को समझा। इसके साथ ही वन स्टॉप सेंटर का विजिट कराकर महिलाओं के लिए उपलब्ध निःशुल्क कानूनी व सामाजिक सहायता की जानकारी दी गई।

*​”बी द चेंज, यू वांट टू सी — ऑल द बेस्ट !”*
​कार्यक्रम का समापन छात्राओं की आँखों में एक नए विश्वास और चेहरे पर मुस्कान के साथ हुआ। जिलाधिकारी के प्रेरक शब्दों ने नालंदा की बेटियों को यह अहसास कराया कि वे केवल शहर का भविष्य नहीं, बल्कि आज का सबसे बड़ा बदलाव हैं।

​संवाद कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक, जिला मिशन समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ एवं विद्यालयों की शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।