निजी विद्यालयों की समस्याओं पर मंथन: भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ की सत्रांत सभा व 9वां समागम भव्य रूप से सम्पन्न ..

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#ख़बरें Tv: नालंदा जिले के बिहारशरीफ स्थित कर्पूरी भवन में भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ द्वारा निजी विद्यालयों की सत्रांत सभा सह नौवां समागम धूमधाम के साथ आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में नालंदा सहित राज्य के विभिन्न जिलों से आए निजी विद्यालयों के शिक्षक, संचालक और प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत मानस, संरक्षिका श्रीमती रेखा भारती,संरक्षक डॉ. शशिभूषण कुमार महासचिव डॉ.संतोष शर्मा प्रदेश सचिव श्री राजकुमार, उपाध्यक्ष श्रीपति नारायण, गयाजी सचिव विनोद कुमार मेहरवार, जिला अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद अनवर उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया,जबकि कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई।
सभी आदत अतिथियों का स्वागत माल्यार्पण करते हुए पुष्पगुच्छ,स्मृति चिन्ह,पौधा एवं अंग वस्त्र भेंट कर किया गया |
सभा का मुख्य उद्देश्य निजी विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं पर विचार-विमर्श करना तथा उनके समाधान की दिशा में ठोस पहल करना था। इस अवसर पर आयोजित सत्रांत सभा में विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं और अनुभवों को साझा किया। वक्ताओं ने कहा कि बिहार में लगभग 30 हजार निजी विद्यालय संचालित हैं, लेकिन कई जिलों के शिक्षा विभाग के पास इन विद्यालयों का सही और अद्यतन आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है।
सभा में यह भी आरोप लगाया गया कि शिक्षा विभाग समय-समय पर नए आदेश तो जारी करता है, लेकिन निजी विद्यालयों की वास्तविक परिस्थितियों और समस्याओं को समझने का गंभीर प्रयास नहीं किया जाता। इससे विद्यालय संचालकों और शिक्षकों को प्रशासनिक दबाव और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बैठक में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की गई। संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2019-20 से कई विद्यालयों को प्रतिपूर्ति राशि अब तक नहीं मिल पाई है। नालंदा जिले में लगभग 600 विद्यालयों ने आरटीई से संबंधित डाटा अपलोड किया था, लेकिन अब तक केवल 167 विद्यालयों की ही प्रक्रिया आगे बढ़ पाई है। साथ ही जांच प्रक्रिया की धीमी गति को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष भारत मानस ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद निजी विद्यालयों के लिए एक कठिन संक्रमण काल चल रहा है। इस स्थिति से उबरने के लिए निजी विद्यालयों को एकजुट होकर संगठित रूप में अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ का उद्देश्य केवल निजी विद्यालयों के हितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि “शिक्षित और समृद्ध भारत” के निर्माण में योगदान देना भी है।
उन्होंने नालंदा की ऐतिहासिक और शैक्षणिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह ज्ञान की भूमि है और यहां आयोजित यह प्रांत सभा निजी विद्यालयों की समस्याओं के समाधान की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल साबित होगी। उन्होंने कहा कि आज निजी विद्यालय शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। सरकारी स्कूलों में सुधार के प्रयास जारी हैं, लेकिन समाज के एक बड़े वर्ग का भरोसा आज भी निजी विद्यालयों पर बना हुआ है।

भारत मानस ने कहा कि निजी विद्यालयों में अभिभावकों को सीधे तौर पर अपनी शिकायत और सुझाव रखने का अवसर मिलता है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न संगठनों की अधिकता के कारण निजी विद्यालयों की समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है, इसलिए सभी को एक मंच पर आकर एकजुट होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान संघ के अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव डॉ. संतोष कुमार शर्मा, प्रदेश सचिव राजकुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपति नारायण, पटना जिला कार्यकारिणी से उदय राय, गया जिला सचिव विनोद मेहरवार, कोषाध्यक्ष संतोष कुमार, उपसचिव उदय भास्कर, कार्यक्रम कार्यकारिणी सदस्य निताय कुमार, संयुक्त सचिव विमलेश कुमार, गया जिले के फतेहपुर प्रखंड अध्यक्ष रामावतार प्रसाद, मुजफ्फरपुर से राजनाथ झा, मुंगेर से सुमन कल्याण सहित कई जिलों से आए प्रतिनिधि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाध्यक्ष द्वारा सभी अतिथियों का स्वागत किया गया तथा अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सभा के बाद आयोजित नौवें समागम में उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित करने का भी निर्णय लिया गया।
अंत में संघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग निजी विद्यालयों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रतिपूर्ति राशि के भुगतान सहित अन्य मुद्दों पर सकारात्मक पहल करेगा, ताकि निजी विद्यालय बेहतर ढंग से शिक्षा के क्षेत्र में अपनी भूमिका निभा सके ।
इस कार्यक्रम में *उत्कृष्ट शिक्षक पुरस्कार* से सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया | इसमें भाग लेने वाले नालंदा से रंजीत कुमार अरविंद प्रसाद अखिलेश प्रसाद अमित कुमार विकास कुमार उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, जिलाध्यक्ष मो. जाहिद अनवर, विभास कुमार,अरुण कुमार,दीनदयाल सिंह,श्री शिवजी मिश्र,सुजीत शेखर, कुंदन कुमार,विनय कुमार, ओमप्रकाश कुमार,प्रमोद कुमार, तरुण कुमार सोनी, रुदल प्रसाद सिंह,उमेश प्रसाद उमेश, मुकेश कुमार, राजीव कुमार,अकेला कर, जयकिशोर प्रसाद,सत्येंद्र कुमार सिंह,जितेंद्र कुमार,राजन कुमार, रविराज,पीयूष कुमार,सुजीत कुमार, विकास कुमारराजीव कुमार, रंजीत कुमार,प्रसिद्ध नारायण,सोनू कुमार सक्सेना,अमित कुमार, निशिकांत कुमार,आशीष कुमार,स्मित बब्बर, सौरभ कुमार रंजन, टिंकू पाठक, बेचू सिंह पटेल, प्रमोद कुमार,मुन्ना प्रसाद,अभिषेक कुमार,अर्जुन कुमार, नालंदा जिला के लगभग 500 विद्यालय के साथ मुजफ्फरपुर से राजनाथ झा, गयाजी जिले से सक्रिय सदस्य एवं कार्यकारिणी सदस्य इत्यादि सहित हजारों की संख्या में भाग लेकर विद्यालय संचालकों, प्राचार्य,शिक्षकों ने भाग लेकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया |
कार्यक्रम का समापन संगठन की संरक्षिका श्रीमती रेखा भारती के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ |
