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#bihar: नालन्दा में आनेबाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि, 533 सीढ़ियां चढ़कर डीएम ने परखी श्रावणी मेला की तैयारियां…

Bykhabretv-raj

Jul 28, 2026

नालन्दा के राजगीर में आनेबाले श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि, 533 सीढ़ियां चढ़कर डीएम ने परखी श्रावणी मेला की तैयारियां…

 

 

 

 

• श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, कंट्रोल रूम, मेडिकल टीम तथा आवश्यकतानुसार आपदा मित्रों की तैनाती के निर्देश दिए।
• ⁠मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाकर पार्किंग एवं श्रद्धालु सुविधाओं के विकास तथा मार्ग में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
• ⁠सिद्धनाथ मंदिर, जरासंध अखाड़ा एवं बेलवेदार जल संचयन क्षेत्र निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
• ⁠भू-जल संरक्षण को बढ़ावा देने हेतु निजी एवं सरकारी बोरवेलों को ग्राउंड वाटर रिचार्ज एक्विफर के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।

 

 

 

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: नालन्दा श्रावणी मेला-2026 के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर जिला पदाधिकारी, नालन्दा श्रीमती उदिता सिंह ने आज राजगीर के कुंड क्षेत्र एवं व्यावहारगिरि पर्वत का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं 533 सीढ़ियां चढ़कर विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा जिला पदाधिकारी को विपुलगिरि, स्वर्णगिरि, व्यावहारगिरि एवं रत्नागिरि पर्वत श्रृंखलाओं के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही बिम्बिसार ट्रैकिंग ट्रैक के संबंध में भी अवगत कराया गया, जो राजगीर के प्रमुख पर्यटन एवं ट्रैकिंग स्थलों में से एक है।
जिला पदाधिकारी ने पर्वतीय क्षेत्र की वनस्पतियों एवं वन्य जीवों (Flora & Fauna) के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। व्यावहारगिरि पर्वत पर चढ़ाई के दौरान उन्होंने राजगीर स्टेडियम, पुलिस प्रशिक्षण संस्थान, स्पोर्ट्स अकादमी सहित आसपास के प्राकृतिक एवं विकसित हो रहे स्थलों का अवलोकन किया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा श्रावणी मेला के दौरान मार्ग में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की मांग रखी गई। इस पर जिला पदाधिकारी ने श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पूरे मार्ग में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्देश दिया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सूचनाएं एवं दिशा-निर्देश उपलब्ध कराने हेतु पब्लिक एड्रेस सिस्टम की समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, समन्वय एवं आपात स्थिति के प्रभावी प्रबंधन के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा किसी भी आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकता के लिए पर्याप्त मेडिकल टीम एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आवश्यकता पड़ने पर आपदा मित्रों की भी सेवाएं लेने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी ने व्यावहारगिरि पर्वत स्थित ऐतिहासिक सिद्धनाथ मंदिर का भी भ्रमण किया। स्थानीय स्तर पर उन्हें अवगत कराया गया कि महाभारत काल में इस मंदिर की स्थापना मगध सम्राट जरासंध द्वारा कराई गई थी।
इसके उपरांत उन्होंने व्यावहारगिरि पर्वत के बेलवेदार क्षेत्र का निरीक्षण किया, जहां वर्षा जल का संचयन होता है। जिला पदाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को जल संरक्षण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से जलाशय को लगभग 6 फीट और गहरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जरासंध अखाड़ा क्षेत्र का भी अवलोकन किया। वहां से दिखाई देने वाले विहंगम दृश्य का निरीक्षण करते हुए उन्होंने मंदिर परिसर के आसपास अतिक्रमण हटाकर उस भूमि का उपयोग पार्किंग एवं श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यक सुविधाओं के विकास हेतु करने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव एवं सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

वन प्रमंडल पदाधिकारी (DFO) के साथ चर्चा के दौरान जिला पदाधिकारी ने भू-जल संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से निजी एवं सरकारी बोरवेलों को ग्राउंड वाटर रिचार्ज एक्विफर के रूप में उपयोग करने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया। उन्हें बताया गया कि इस प्रकार की व्यवस्था का सफल प्रयोग वेणुवन क्षेत्र में किया जा चुका है। जिला पदाधिकारी ने इस दिशा में व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार कर भू-जल स्तर में वृद्धि हेतु आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए।

जिला पदाधिकारी ने कहा कि श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से आवश्यक तैयारियां पूर्ण करें।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला पदाधिकारी के साथ भ्रमण किया तथा क्षेत्र के धार्मिक, ऐतिहासिक एवं पर्यटन महत्व से संबंधित विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर पार्षद श्री श्रवण कुमार, श्री श्याम नारायण प्रसाद, श्री श्याम भारती, श्री गोलू जी तथा श्री आजाद कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न स्थलों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा श्रावणी मेला के सफल आयोजन हेतु आवश्यक सुझाव भी दिए। प्रशासन की तरफ से नालंदा के पुलिस अधीक्षक श्री भारत सोनी, अनुमंडल पदाधिकारी, राजगीर, विशेष कार्य पदाधिकारी, जिला नियोजन पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित लोग उपस्थित थें।