नालन्दा जिले के दक्षिणीपुर गांव में नाली-गली की बदहाली से ग्रामीण परेशान, जर्जर गली और कीचड़ से बढ़ी मुश्किलें

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#ख़बरें Tv: हरनौत (नालंदा)। प्रखंड की बसनियावां पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 13 के दक्षिणीपुर गांव में नाली और गली की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है।ग्रामीणों का आरोप है कि गली-नाली निर्माण के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज भी गांव की अधिकांश गलियां कीचड़ और जर्जर से जूझ रही हैं।ग्रामीणों के अनुसार गांव की कई गलियों में नालियां बीच सड़क पर बनाई गई हैं, जिन पर ढक्कन नहीं लगाया गया है और कई स्थानों पर नालियां आपस में जुड़ी भी नहीं हैं।लगातार हो रही बारिश के कारण तीन से चार गलियां पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी हैं।ऐसे में पैदल चलना मुश्किल हो गया है, जबकि दोपहिया वाहनों का आवागमन भी जोखिम भरा बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि नली गंदे पानी के लंबे समय तक जमा रहने से संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों ने गांव के विकास की ओर ध्यान नहीं दिया,जिससे लोग नाला, पीसीसी सड़क,साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।ग्रामीण गीता देवी,दिलीप चौहान,बिंदी चौहान,उत्तम और राजेश ने बताया कि बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है।उनका कहना है कि आए दिन छोटे-छोटे बच्चे खुली नालियों और गंदे पानी में गिरकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।गांव में दो प्राथमिक विद्यालय होने के कारण इन्हीं रास्तों से स्कूली बच्चों सहित सैकड़ों ग्रामीणों का रोजाना आवागमन होता है।रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि करीब 750 की आबादी वाले इस गांव में विकास कार्य नहीं के बराबर हुए हैं।उन्होंने कहा कि मुखिया और अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत की जा चुकी है।बसनियावां गांव में आयोजित सहयोग शिविर में भी आवेदन दिया गया था।इसके अलावा वर्ष 2022 में प्रखंड विकास पदाधिकारी को भी आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।इस संबंध में बीडीओ डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि उन्हें अब तक इस समस्या की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और पंचायती राज विभाग के माध्यम से ग्रामीणों की समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
हरिओम की रिपोर्ट
