• Fri. Jul 31st, 2026

#bihar: बेतन रहित शिक्षकों की पीड़ा को मिलेगा सशक्त मंच, अब अन्याय नही, सम्मान और अधिकार की होगी बात..

Bykhabretv-raj

Jul 31, 2026

 

 

 

 

 

 

 

बेतन रहित शिक्षकों की पीड़ा को मिलेगा सशक्त मंच, अब अन्याय नही, सम्मान और अधिकार की होगी बात..

 

 

 

 

 

ख़बरें टी वी : पिछले 16 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ.. ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें… ई. शिव कुमार, “ई. राज”- नेशनल टीवी रिपोर्टर–इंडिया Tv, न्यूज़ नेशन, न्यूज़ स्टेट, इंडिया News, सम्पूर्ण नालंदा जिला -9334598481. नोट :- मेरे अलावा इन चैनलों में और कोई नालंदा जिले से रिपोर्टर नहीं है, अगर कोई बोलता है तो हमें कॉल करके शिकायत करें…

.. हमारी मुहिम .. नशा मुक्त हर घर .. बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे ..

… हमारे प्लेटफार्म पर गूगल द्वारा प्रसारित विज्ञापन का हमारे चैनल के द्वारा कोई निजी परामर्श नहीं है, वह स्वतः प्रसारित होता है …

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

#ख़बरें Tv: दिनांक: 31 जुलाई 2026 | रहुई, नालंदा
शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा के दौरान आज रहुई प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में शिक्षक साथियों से आत्मीय संवाद के क्रम में बेतन रहित शिक्षकों की गंभीर समस्याएँ प्रमुखता से सामने आईं। वर्षों से सेवा दे रहे अनेक शिक्षक आज भी नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों से वंचित हैं।
इस अवसर पर पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद (एमएलसी) प्रत्याशी डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि—
“जो शिक्षक अपने ज्ञान से समाज का भविष्य गढ़ते हैं, उन्हें वेतन और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़े—यह किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता का विषय है। बेतन रहित शिक्षकों की पीड़ा केवल उनकी व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र का प्रश्न है।”
उन्होंने कहा कि बेतन रहित शिक्षकों की सेवा का सम्मान, नियमित वेतन, सेवा सुरक्षा, समयबद्ध पदोन्नति, वेतन विसंगति का समाधान तथा शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष किया जाएगा। शिक्षक समाज की प्रत्येक जायज़ मांग को पूरी मजबूती के साथ उचित मंच पर उठाया जाएगा।
डॉ. दिव्या ज्योति ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था तभी मजबूत होगी, जब शिक्षक आर्थिक और सामाजिक रूप से सुरक्षित होंगे। सम्मानित शिक्षक ही आत्मविश्वास के साथ आने वाली पीढ़ी का निर्माण कर सकते हैं।
उन्होंने सभी शिक्षक साथियों से एकजुट होकर शिक्षा, शिक्षक सम्मान और अधिकारों की इस मुहिम को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
संकल्प
“न कोई शिक्षक उपेक्षित रहेगा,
न कोई शिक्षक बेतन से वंचित रहेगा।
सम्मान, सुरक्षा और अधिकार—यही शिक्षक समाज का अधिकार है।”