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#bihar: परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज 67 दिनों के लिये बिहार प्रदेष की धरती पर पधारे हैं…

Bykhabretv-raj

Apr 11, 2026

 

 

 

 

 

 

 

परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज 67 दिनों के लिये बिहार प्रदेष की धरती पर पधारे हैं…

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: मसौढ़ी (पटना) 11 अप्रैल। अपने सभी साधनों (मंच, पाण्डाल, कुर्सी, डेरा, रावटी, भोजन भण्डारा, लाउडस्पीकर, सचल षौचालय, गद्दा, रजाई) को अपने साथ लेकर परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज 67 दिनों के लिये बिहार प्रदेष की धरती पर पधारे हैं। उनकी इस षाकाहार-सदाचार मद्यनिशेध, आध्यात्मिक-वैचारिक जनजागरण यात्रा का आज 35वां दिन है। कल सायंकाल ही मसौढ़ी प्रखण्ड के पभेरा गांव पधारने पर बाजे-गाजे, कलषों, फूल मालाओं तथा पुश्प वर्शा करके यात्रियों का भव्य स्वागत हुआ। आज यहां मध्याह्न में अपने सत्संग सन्देष में पूज्य महाराज जी ने बताया कि यह सत्संग है, सत्संग में किसी व्यक्ति, धर्म या मजहब तथा किसी भी देवी देवता की निन्दा नहीं की जाती बल्कि उस परम पिता परमात्मा के प्रति प्रेम व प्यार पैदा किया जाता है। परमात्मा मिलता है तो मरने से पहले मिलता है। मरने के बाद नहीं। कबीर साहब जुलाहे थे, नानक जी सिक्ख थे, पलटू दास जी बनिया थे, रैदास जी हरिजन थे, गोस्वामी जी ब्राह्मण थे, मीराबाई छत्राणी थीं, यदि वे सब उस प्रभु को पा सकते हैं तो आप भी जीते जी पा सकते हो। महात्माओं ने कहा है कि ‘‘कस्तूरी कुण्डल बसै, मृग ढूढ़ै बन मांहि, ऐसे घट-घट राम हैं, दुनियां देखै नाहिं।’’ इसी मनुश्य षरीर में प्रभु का अंष जीव विद्यमान है। लेकिन बाहरी पूजा पाठ या षरीर की आंखों से उसे नहीं देख सकते। अन्तर की दिव्य आंख बुरे कर्मों से गन्दी हो गई। अब तो गुरु कृपा कर दें, ‘‘मृदुल अंजन को दे कर वह तीसरी आंख खोल दें तब सूझहिं रामचरित मनि मानिक, गुप्त प्रगट जो जहँ जेहिं खानिक।’’ सरल साधना की तीनों क्रियाओं (सुमिरन, ध्यान, भजन) को विस्तार से समझाया।
महाराज जी ने अषुद्ध आहार (मांसाहार) से एवं नषा सेवन से इन्द्रियां चंचल व चलायमान हो जाती हैं और परिवार, समाज व देष के षर्मसार करने वाली घटनायें घटित हो जाती हैं। आंखों से मां, बहन, बेटी या बहू की पहचान खतम हो जाती है। इसलिये हमारी प्रर्थना है कि आप लोग षाकाहार को अपनायें, नषीले पदार्थों के सेवन से परहेज करें और अच्छे समाज के निर्माण में अपना अपना योगदान दें।
उन्हांेंने आगामी 17 से 21 मई तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा उ.प्र. में आयोजित होने वाले बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के पावन वार्शिक भण्डारा सत्संग मेला में आने के लिये सबको आमंत्रित किया। पुलिस प्रषासन का षांति व्यवस्था में सहयोग रहा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, प्र. अ. डा. बिन्देष्वर, सुजीत कुमार, ललित पासवान, षिव कुमार, प्रतापगढ़ संगत अध्यक्ष सूर्यबली सिंह, मा. वीरेन्द्र यादव, रामकुमार, बालकृश्ण षुक्ला आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्राम बलुआचक प्र. पुनपुन थाना बेलदारीचक अनु. मसौढ़ी के लिये प्रस्थान कर गई। जहां (कल) आज पूर्वाह्न 11.30 बजे से सत्संग आयोजत है।