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#bihar: नालंदा में कृषि यंत्र निर्माण एवं कृषि औद्योगीकरण को बढ़ावा देने की उद्देश्य से जिलाधिकारी ने किया परिचर्चा…

Bykhabretv-raj

Dec 11, 2025

नालंदा में कृषि यंत्र निर्माण एवं कृषि औद्योगीकरण को बढ़ावा देने की उद्देश्य से जिलाधिकारी ने किया परिचर्चा…

 

 

 

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: आज दिनांक 11.12.2025 को श्री कुन्दन कुमार, जिला पदाधिकारी, नालन्दा की अध्यक्षता में उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय में नालन्दा जिले में कृषि यंत्र निर्माण एवं कृषि औद्योगिकीकरण को बढ़ावा हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-परिचर्चा का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों के मांग के आधार पर जिले में कृषि यंत्र निर्माण को बढ़ावा देना, कृषि उद्योग में नालन्दा जिला को आत्मनिर्भर बनाना तथा कृषि के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार मुहैय्या कराना है। बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा नालन्दा जिला अन्तर्गत कृषि यंत्र निर्माताओं की वर्तमान स्थिति एवं उनके अपेक्षित सहयोग प्रदान किये जाने हेतु पी0पी0टी0 के माध्यम से प्रस्तुतीकरण की गई। सभी यंत्र निर्माताओं एवं वैज्ञानिकों एवं पदाधिकारियों के साथ जिला पदाधिकारी द्वारा विस्तार पूर्वक परिचर्चा की गई, जिसमें जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा निम्न निर्देश दिये गये:-

1. सर्वप्रथम जिलाधिकारी महोदय द्वारा इस विशेष कार्यशाला में उपस्थित जिला कृषि पदाधिकारी के पूरी टीम को बधाइयां दी गई, साथ ही कृषि यंत्रीकरण से जुड़े सभी किसानों यंत्र निर्माताओं की उपस्थिति के लिए बधाइयां दी गई ।
2. उन्होंने कहा कि जिले भर के युवाओं के लिए रोजगार का अवसर तलाशना मुख्य उद्देश्य है, माननीय प्रधानमंत्री जी एवं माननीय मुख्यमंत्री जी के सपनों को साकार करने के लिए बेरोजगारों को रोजगार दिलाना मुख्य उद्देश्य है ।
3. उन्होंने कहा कि हम बड़ी सोच के साथ अपने सपनों को साकार कर सकते हैं ,अपनी हुनर को परखें और आगे बढ़े ।
4. नूरसराय में विभिन्न इंजीनियरिंग वर्कर्स का निरीक्षण के क्रम में उन्होंने निर्माताओं द्वारा निर्मित कृषि यंत्रों एवं अन्य यंत्रों को उन्होंने स्वयं देखा।
5. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड क्लासेस प्रोडक्शन तैयार करने के लिए गुणवत्तापूर्ण निर्माण करें, तभी हम मार्केटिंग की स्पर्धा में आगे बढ़ सकते हैं ।
6. उन्होंने कहा कि छोटी बड़ी चीजें जो हम बाहर के राज्यों से मांगा रहे हैं, उसे हम स्थानीय स्तर पर ही निर्माण कर हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं ।
7. विश्वस्तरीय डिजाइन एवं नवाचार तकनीक को बढ़ावा
जिला पदाधिकारी महोदय ने निर्देश दिया कि कृषि यंत्र निर्माण में आधुनिक तकनीक तथा विश्वस्तरीय डिजाइन को अपनाया जाए। इसके लिए स्थानीय निर्माताओं को तकनीकी प्रशिक्षण, शोध संस्थानों से सहयोग तथा उत्कृष्ट डिजाइन प्रयोगशालाओं की स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवाचार से नालन्दा को कृषि यंत्र निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।
8. बाहरी राज्यों से आने वाली मोल्डिंग एवं कटिंग सामग्री के स्थान पर स्थानीय सामग्री का उपयोग
जिला पदाधिकारी महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि राजस्थान, उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश से आने वाली सामग्री पर निर्भरता कम करते हुए नालन्दा में उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की संभावना तलाश की जाए। इसके लिए स्थानीय कच्चे माल की गुणवत्ता जाँच, उपलब्धता का आकलन तथा ऐसे उत्पादकों को प्रोत्साहन देने हेतु नीतिगत प्रस्ताव तैयार किया जाए।
9. नालन्दा में कॉमन फैसिलिटी सेंटर का विकास
उन्होंने कृषि यंत्र निर्माताओं के लिए एक साझा कॉमन फैसिलिटी सेंटर विकसित करने की आवश्यकता बताई, जहाँ उच्च स्तरीय मशीनरी, परीक्षण उपकरण, डिजाइन सुविधा एवं तकनीकी सहयोग एक ही स्थान पर उपलब्ध हो। इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (क्च्त्) शीघ्र उपलब्ध जिला कृषि पदाधिकारी के नेतृत्व में कराने हेतु निर्देशित किया गया।
10. कृषि यंत्र निर्माण क्लस्टर का विकास
जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि नालन्दा में कृषि यंत्र निर्माण की संभावनाओं को देखते हुए एक औद्योगिक क्लस्टर की स्थापना की जानी चाहिए। इससे छोटे एवं मध्यम निर्माताओं को एकीकृत ढांचे में कार्य करने का अवसर मिलेगा, लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इसके लिए सभी निर्माता को एक साथ आगे बढ़कर कलस्टर की रूपरेखा तैयार करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया।
11. आईटीआई राजगीर में प्रोटोटाइप निर्माण सुविधा का विकास
उन्होंने निर्देश दिया कि आईटीआई राजगीर में कृषि यंत्रों के प्रोटोटाइप निर्माण की उन्नत सुविधा विकसित की जाए, ताकि नए नवाचारों के परीक्षण और विकास को गति मिले। इसके लिए आवश्यक मशीनरी एवं तकनीकी स्टाफ की सूची जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया।
12. आईटीआई राजगीर एवं इंजीनियरिंग कॉलेज चंडी में लेजर मशीन की स्थापना
जिला पदाधिकारी महोदय ने दोनों संस्थानों में लेजर काटिंग मशीन की स्थापना के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय निर्माता उच्च गुणवत्ता और परिशुद्धता वाले पुर्जे तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि इससे जिले में तकनीकी दक्षता बढ़ेगी और बाहरी संसाधनों पर निर्भरता भी कम होगी।
13. निर्माताओं से न्यूनतम आवश्यकता एवं मशीनरी सूची उपलब्ध कराने का निर्देश
जिला पदाधिकारी ने सभी स्थानीय निर्माताओं से कहा कि वे अपनी न्यूनतम मशीनरी आवश्यकता, अनुमानित लागत एवं अन्य आवश्यकताओं की विस्तृत सूची जिले को उपलब्ध कराएँ, ताकि सरकारी योजना एवं सहायता का लाभ समय पर दिया जा सके। इस कार्य हेतु उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण, नालन्दा को सूची तैयार किये जाने हेतु निदेशित किया गया।
14, समस्त जिलों की मृदा बनावट (Soil Texture) जाँच उपलब्ध कराना
निर्माताओं ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि बिहार के विभिन्न जिलों की मृदा बनावट का विश्लेषण उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे प्रत्येक जिले की आवश्यकताओं के अनुसार कृषि उपकरण तैयार कर सकें। जिला पदाधिकारी महोदय ने कृषि विभाग को यह डेटा संकलित कर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस कार्य हेतु नालन्दा उद्यान महाविद्यालय, ,वं इंजिनियरिंग काॅलेज, नालन्दा को सहयोग प्रदान किये जाने हेतु निदेशित किया गया।
15. कृषि यंत्रों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग को बढ़ावा
निर्देश दिया गया कि नालन्दा में निर्मित कृषि यंत्रों की पहचान और विश्वसनीयता बढ़ाने हेतु ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग को संस्थागत रूप से प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए प्रचार-प्रसार योजना तैयार की जाए।
16. टेस्टिंग सुविधाओं एवं प्रमाणन की व्यवस्था
जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि कृषि यंत्र निर्माताओं हेतु टेस्टिंग लैब एवं प्रमाणन सुविधा की स्थापना अति आवश्यक है। इससे गुणवत्ता नियंत्रण सुनिश्चित होगा और नालन्दा में निर्मित यंत्रों की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
17. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से बिक्री और प्रचार
उन्होंने स्थानीय उद्यमियों को डिजिटल मार्केटिंग अपनाने की सलाह दी और निर्देश दिया कि कृषि विभाग व उद्योग विभाग मिलकर एक ऑनलाइन बिक्री प्लेटफॉर्म विकसित करने की संभावना तलाशें।
18. सस्ती एवं निरंतर विद्युत आपूर्ति
जिला पदाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देश दिया कि कृषि यंत्र निर्माण इकाइयों को निर्बाध एवं सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाए। इससे उत्पादन लागत कम होगी और यूनिट्स की कार्यक्षमता बढ़ेगी।
19. आईटीआई एवं इंजीनियरिंग कॉलेज में एक्सपोजर विजिट
निर्देश दिया गया कि स्थानीय निर्माताओं व युवा उद्यमियों को तकनीकी संस्थानों में नियमित एक्सपोजर विजिट कराई जाए, ताकि वे आधुनिक मशीनरी और नई तकनीक से परिचित हो सकें। इस कार्य हेतु आत्मा, नालन्दा के सहयोग से सभी निर्माताओं को जिले ,वं जिले से बाहर ‘‘सांइटिस्ट मैनुफैक्चरर इंट्रैक्शन’’ कराने का निदेश दिया गया।
20. कम ब्याज दर पर बैंकिंग सहायता
जिला पदाधिकारी महोदय ने बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि कृषि यंत्र निर्माण क्षेत्र के उद्यमियों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जाए जिससे उत्पादन इकाइयों की स्थापना और विस्तार में आसानी हो।
21. वैज्ञानिक-निर्माता समन्वय को बढ़ावा
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों एवं यंत्र निर्माताओं के बीच नियमित संवाद होना चाहिए। इसके लिए मासिक या त्रैमासिक बैठकें आयोजित की जाएँ।
22. गुणवत्ता जांच को अनिवार्य बनाना
उन्होंने सभी निर्माताओं को उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि हर उत्पाद को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप प्रमाणित किया जाए।

वर्तमान में नालंदा के कृषि यंत्र निर्माताओं द्वारा नालंदा जिला के अतिरिक्त पड़ोसी जिलों यथा नवादा, पटना, जहानाबाद, शेखपुरा के साथ साथ कुछ निर्माताओं द्वारा झारखंड, बंगाल, नेपाल, एनसीआर एवं छत्तीसगढ़ भी यंत्र भेजे जाते हैं। जिलाधिकारी महोदय ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि नूरसराय में ट्री शिफ्टिंग जैसे बड़े मशीन का निर्माण किया जा रहा है, जो काबिले तारीफ है ।
वर्तमान में जिले में कृषि यंत्र का निर्माण किया जा रहा है जो निम्नवत है :-
रोटावेटर,कल्टीवेटर
थ्रेशर , कोनोविडर
मार्कर ,राईस मिल-कम पोलवराईजर ,मेज सेलर ,
पैडी थ्रेशर , ट्री स्वीफटींग मशीन ,हाईड्रोलिक टेलर,चाराकल ,स्ट्रा रिपर आदि
जिलाधिकारी महोदय ने कहा कि कृषि यंत्र निर्माताओं के समस्याओं का निदान शीघ्र सुनिश्चित किया जाएगा । उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण व्यापक पैमाने पर कृषि यंत्र निर्माण हेतु संबंधित विभागों के पदाधिकारी गण, प्रगतिशील किसान,कृषि यंत्र निर्माता आपस में समन्वय स्थापित कर टीमवर्क के साथ कार्य करेंगे,ताकि नालंदा जिले को आत्मनिर्भर नालंदा बनाया जा सके ।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, प्रशिक्षु सहायक समाहर्ता, अपर समाहर्ता, अपर समाहर्ता आपदा प्रबंधन , जिला कृषि पदाधिकारी , नालन्दा,महाप्रबंधक , जिला उद्योग केंद्र, नालन्दा,प्राचार्य नालन्दा उद्यान महाविद्यालय, नूरसराय, प्रिंसिपल, नालन्दा अभियंत्रण महाविधालय, चंडी, नालन्दा, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता विद्युत , स्थानीय निर्माता -दुर्गा इंजीनियरिंग, नूरसराय, मुकेश इंजीनियरिंग वर्क्स, जय माँ भवानी इंजीनियरिंग वर्क्स, नूरसराय,बोलबम इंजीनियरिंग वर्क्स, नूरसराय, विनायक इंजीनियरिंग वर्क्स, बिहारशरीफ,देव इंजीनियरिंग वर्क्स, नूरसराय,माँ शक्ति एग्रो, बिहारशरीफ सहित कृषक आदि उपस्थित थें।