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#bihar: प्राथमिक विद्यालय महवाचक में 2018 से एक भी छात्र नहीं, शिक्षक भी स्थानांतरित..

Bykhabretv-raj

Jul 23, 2026

 

 

 

 

हरनौत के स्कूल में 8 साल से शून्य नामांकन,
प्राथमिक विद्यालय महवाचक में 2018 से एक भी छात्र नहीं, शिक्षक भी स्थानांतरित..

 

 

 

 

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#ख़बरें Tvहरनौत: नालंदा के हरनौत प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय महवाचक में पिछले आठ वर्षों से एक भी बच्चे का नामांकन नहीं हुआ है।न बच्चे और न हीं शिक्षक वैसे ही दो तल्ला (जी प्लस वन) सरकारी बिल्डिंग गांव में पहाड़ की भाती खड़े हैं।गेट में लगे ताला में जंग लगा है।बिहार सरकार भले ही शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके विपरीत है।इस विद्यालय में वर्ष 2018 से एक भी छात्र नामांकित नहीं है।विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक संजय कुमार के अनुसार,स्कूल की स्थापना 1980 में हुई थी। पहले यहां बच्चों की अधिकतम संख्या 50 से 60 तक थी, जिसमें से 30-40 बच्चे नियमित रूप से उपस्थित रहते थे।वर्ष 2012-13तक नामांकन की स्थिति संतोषजनक थी।हालांकि,2014 में गांव के सड़क मार्ग से जुड़ने के बाद बच्चों की संख्या में कमी आने लगी और 2018 तक यह संख्या शून्य हो गई, जो अब तक बनी हुई है।बच्चों को विद्यालय की ओर आकर्षित करने के लिए मध्याह्न भोजन,साइकिल,स्कूल ड्रेस और छात्रवृत्ति जैसी तमाम सरकारी योजनाएं लागू की गईं, लेकिन वे सभी प्रयास नाकाफी साबित हुए।पहले केंद्र सरकार के यू-डाइस पोर्टल पर बच्चों की संख्या दर्ज कर दी जाती थी ताकि बजट सहायता मिल सके, लेकिन अब यू-डाइस प्लस पर बच्चों की पूरी जानकारी देनी होती है,जिसके कारण नामांकन शून्य दिखाना पड़ रहा है।
गांव में कई बार लोगों को नामांकन के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया,लेकिन सफलता नहीं मिली।महवाचक राजस्व गांव छतियाना का एक टोला है,जहां के बच्चे दूसरे गांवों के स्कूलों में पढ़ने जाते हैं।गांव में लगभग 70-75 परिवार रहते हैं, जिनकी आबादी करीब 1000 है और 450 मतदाता हैं। अधिकांश लोग नौकरीपेशा या व्यापारी हैं,और कुछ परिवार बच्चों की पढ़ाई के लिए गांव से बाहर रहते हैं, जिसके कारण गांव में बुजुर्गों की संख्या अधिक दिखती है।इस विद्यालय में पहले एक शिक्षक और दो शिक्षिकाएं तैनात थीं,जिन्हें अब दूसरे स्कूल में स्थानांतरित कर दिया गया है।बीते चार दिनों से दोनों शिक्षिकाओं का दैनिक उपस्थिति भी दर्ज होना बंद हो गया है।उधर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) नितेश कुमार रंजन ने बताया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए बच्चों का नामांकन कराने का प्रयास किया जा रहा है।बच्चों की अनुपस्थिति के कारण यहां पदस्थापित सभी शिक्षकों को पिछले दो साल से यूएमएस छतियाना में भेजा गया है।

 

हरिओम की रिपोर्ट