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#bihar: हरनौत में बाबा बख्तौर पूजनोत्सव आज, 51 मन हुमाद से होगा हवन, भक्तों के बीच बांटा जाएगा 70 मन रसिया..

Bykhabretv-raj

Apr 26, 2026

 

 

 

 

 

हरनौत में बाबा बख्तौर पूजनोत्सव आज, 51 मन हुमाद से होगा हवन, भक्तों के बीच बांटा जाएगा 70 मन रसिया..

 

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: हरनौत: हरेक साल की तरह इस साल भी वैशाख शुक्ल पक्ष को लेकर
स्थानीय नगर पंचायत के सबनहुआडीह स्थित बाबा बख्तौर के पूजनोत्सव को लेकर बीते रात में जागरण हुआ। वहीं आज दर्जनों गांव के हजारों लोग पूजा में जुटेंगे।भक्त सुख, समृद्धि और शांति की कामना करेंगे। भगत से मन्नत मांगेंगे।बाबा बख्तौर, माता गहेल, खिरहर बसावन, नटवा प्राण सिंह, बांगुर बाबा आदि देवी-देवताओं का बुलावा हुआ है। इसमें मुनरिक भगत, अवधेश भगत,
महिंद्र भगत,रामबाबू भगत, सौरभ भगत, बोधी भगत ,साको भगत और नवादा के महेंद्र भगत और बख्तियारपुर के मानर में राजेश तूफानी शामिल थे।
वहीं मुनारिक भगत ने बताया कि यह यादवों की परंपरागत पूजा है। सुबह से पूजा शुरू हो जाएगी। जो देर शाम तक चलेगी। हवन भी किया जाएगा। महिलाएं अपने आंचल पसारकर भगत से आशीर्वाद लेंगी। इनकी मनोकामना पूरी हो गई है। वे पूजा में मनौती पूरा करेंगे। उन्होंने बताया कि यह पूजा साल 1995 से हर साल बृहद पैमाने पर की जाती है। इसमें नालंदा जिले के अलावा नवादा, शेखपुरा, पटना, लक्खीसराय समेत कई जिले के लोग पहुंचते हैं। लगभग 51 मन हुमाद से हवन किया जाएगा। साथ ही पूजा में आए सभी भक्तों को प्रसाद के रूप में तकरीबन 70 मन से ऊपर रसिया बांटा जाएगा।
वहीं अशोक कुमार यादव,संजय कुमार यादव,दुललो कुमार,रविंदर,जतन,उदय, आदि ग्रामीणों ने बाबा बख्तौर के बारे में बताया कि जब जब पृथ्वी पर जुल्म, अत्याचार और गरीबों को शोषण हुआ। किसी देवता और महात्मा ने जन्म लिया है। राजा दलेल सिंह और राक्षसों का अत्याचार पृथ्वी पर बढ़ा, तो माता कोयला के गर्भ से बाबा बख्तौर का जन्म हुआ था। इनके पिता पूरणमाल थे। गाय भैंस के साथ-साथ इंसान पर राजा दलेल सिंह के शेला बाघ और लुलही बाघिन जुल्म और अत्याचार करने लगा था। इसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई।
इन्होंने युद्ध कर 52 कोस का वनबेरिया जीता था। इसके बाद साजिश के तहत इनके मामा बदन सिंह को मिलाकर राजा दलेल ने वध कर दिया। सेला बाघ और लुलही वाघिन जंगल में बन प्राणियों पर अत्याचार करने लगा था। उस समय भी इन्होंने लड़ाई लड़ कर लोगों की रक्षा की थी।

हरिओम की रिपोर्ट…