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@bihar: संस्कृत दिवस के अवसर पर वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय आतासराय इस्लामपुर में संस्कृत दिवस मनाया गया…

Bykhabretv-raj

Aug 9, 2025

 

 

 

 

 

 

 

संस्कृत दिवस के अवसर पर वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय आतासराय इस्लामपुर में संस्कृत दिवस मनाया गया…

 

 

 

 

 

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@ख़बरें Tv : आज दिनांक 9 अगस्त 2025 दिन शनिवार को संस्कृत दिवस के अवसर पर वैदिक साहित्य संस्कृत उच्च विद्यालय आतासराय इस्लामपुर में संस्कृत दिवस मनाया गया सर्वप्रथम सरस्वती वंदना एवं आए हुए अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया स्कूल की छात्राओं के द्वारा स्वस्तिवाचन कर दर्शकों एवं श्रोताओं का आभार प्रकट किया गया
छात्रों का स्वस्तिवाचन सुन कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोग भाव विभोर हो गए
स्कूल के प्रधानाध्यापक डॉ प्रवीण चंद्र मिश्रा के द्वारा स्वागत भाषण से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य सह पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिलीप कुमार के द्वारा संस्कृत विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा की संस्कृत सभी भाषाओं की जननी रही है संस्कृत से पुरानी कोई भाषा नहीं है सभी भाषाओं की उत्पत्ति हमारी संस्कृत भाषा से ही हुई है संस्कृत देवताओं एवं ऋषि मुनियों की भाषा है आज भी संस्कृत के बिना सनातन धर्म का कोई पूजा पाठ नहीं हो पाता है चाहे किन्हीं भी देवी देवताओं का पूजा अर्चना करना हो संस्कृत भाषा में ही सारे श्लोक पढ़े जाते हैं दिलीप कुमार ने कहा की सरकार के उदासीन रवैया के चलते आज राज्य के करीब करीब संस्कृत विद्यालय मृतप्राय होने के कगार पर है पूर्व में संस्कृत बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के सिलेबस में दसवां क्लास तक अनिवार्य भाषा के रूप में रहता था लेकिन सरकार ने उसे बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड से अनिवार्यता को समाप्त कर दिया…

 

 

यह स्कूल सन 1886 से अवस्थित है जो अभी के समय में कुछ कमरे को छोड़कर बाकी जीर्ण शीर्ण अवस्था में स्कूल चल रहा है जबकि इस स्कूल के जमीन का रकबा 2 एकड़ के करीब है दिलीप कुमार ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि इस तरह के पुराने विद्यालय पर सरकार ध्यान दे एवं इस तरह के संस्कृत विद्यालय को पुनर्स्थापित करने में मदद करें इस तरह का विद्यालय हमारी संस्कृति का पहचान है
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित इस्लामपुर के पूर्व जिला पार्षद व विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी महेंद्र प्रसाद यादव ने भी अपने संबोधन में कहा कि जिले का यह सबसे पुराना संस्कृत उच्च विद्यालय होने के बावजूद भी सरकारी उपेक्षा का दंश झेल रहा है उन्होंने कहा कि कुछ जमीन माफियाओं का भी ध्यान इस विद्यालय की जमीन पर लगा हुआ है…

 

 

विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों ने बताया कि इतने पुराने उच्च विद्यालय होने के बाद भी हम लोग सरकारी व्यवस्था का दंश झेल रहे हैं यहां कुल नौ शिक्षकों में से मात्र चार शिक्षकों को ही वेतन मिलता है बाकी लोग सेवा दे रहे हैं क्योंकि इस स्कूल में छात्रों की संख्या 164 है जिसमें से 125 छात्र एवं छात्राएं उपस्थिति रहते हैं उन लोगों ने बताया कि यहां का पुस्तकालय भी काफी समृद्धि एवं पुराने किताबों से भरा हुआ है साथ ही स्वर्ग से आए धरती पर तीनों फुल के पौधे जिसमें अपराजिता ,पारिजात और मधु कामिनी तीनों का पौधा यहां मौजूद है इसके अलावा बहुत सारी जड़ी बूटियां के भी पौधा यहां मौजूद है
शिक्षकों ने आए हुए अतिथियों से कहा कि इस विद्यालय पर सरकार का ध्यान जरूर आकृष्ट करायें ताकि इसकी पौराणिकता के साथ-साथ संस्कृत की मर्यादा बची रहे
इस अवसर पर सैकड़ो की संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उनके अभिभावकों के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नव प्रभात प्रशांत राजीव रंजन कुमार इस्लामपुर के प्रखंड अध्यक्ष सर्वेश कुमार मौजूद थे .