लोकसभा में शून्य काल के दौरान नालंदा के सांसद ने केंद्र सरकार से माटी कला बोर्ड बनाने की मांग की..

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#ख़बरें Tv: नालंदा के मा0लोकसभा सदस्य, श्री कौशलेन्द्र कुमार ने आज लोकसभा में शून्यकाल के दौरान बिहार में कुम्हार (प्रजापति) जाति को अनुसूचित जाति के श्रेणी में शामिल करने व माटी कला बोर्ड का गठन करने की माँग करते हुए कहा कि यह माँग वर्षों से केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के पास लंबित है। 1950 के भारत सरकार के आदेश में लगे नोट में कुम्हार शिल्पकला की उपजाति में शामिल था। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन में कुम्हारों का कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं रहने के कारण कुम्हारों को बाहर रखा गया था, जिसका परिणाम है कि आज कुम्हारों की स्थिति बिहार राज्य में बद से बदतर है। बिहार सरकार को अनुग्रह नारायण सामाजिक शोध संस्थान द्वारा समाज का एथनोग्राफी बिहार सरकार को सौंपा जा चुका है। कुम्हार जाति आज भी गाँवों में 90 प्रतिशत अशिक्षित है। उनकी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। इन्हीं सब कारणों से कुम्हार जाति को भी विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए समन्वय समिति वर्षों से माँग करती आ रही है कि इस जाति को अनुसूचित जाति के श्रेणी में शामिल करेे, जिससे कि दलित, महादलित से भी बदतर जिन्दगी जीने के लिए मजबूर कुम्हार समाज भी आगे बढ़े। कुम्हारों की बड़ी समस्या है कि न मिट्टी उठाने की बंदोबस्ती हुई, न ही जलावन की सुविधा है और न बालू के उठाव की अनुमति मिला। जिसके कारण आज भी भुखमरी की स्थिति में कुम्हार समाज जीवनयापन करने के लिए मजबूर है।
सांसद महोदय ने कहा कि कुम्हार जाति को अनुसूचित जाति के श्रेणी में शामिल करने के लिए सरकार विचार करे। बिहार सरकार से भी सलाह करे और अन्य राज्यों की भाँति बिहार राज्य में भी माटी कला बोर्ड के गठन की अनुमति एवं सहयोग प्रदान करें।
