मलमास मेला 2026 के सफल संचालन पर वन विभाग के पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मुख्य वन संरक्षक, पटना की प्रशंसा।
वन संरक्षक ने मलमास मेला 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वनकर्मियों की हौसला अफजाई की।
मलमास मेला 2026 के सफल संचालन में वन विभाग की उत्कृष्ट भूमिका, मुख्य वन संरक्षक ने पदाधिकारियों, कर्मियों एवं सफारी चालक के सेवा-भाव की सराहना की।

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#ख़बरें Tv: मलमास मेला 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण संचालन में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्य वन संरक्षक, पटना ने राजगीर जू सफारी एवं नालंदा वन प्रमंडल के सभी पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं वनकर्मियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मेले की अवधि में विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, समर्पण एवं अनुशासन के साथ किया, जिसके परिणामस्वरूप विभाग को सौंपे गए सभी कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन सुनिश्चित हो सका।
मुख्य वन संरक्षक ने विशेष रूप से उन पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की प्रशंसा की, जिन्होंने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा, सुरक्षा तथा सहयोग के लिए उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों के सामूहिक प्रयास, टीम भावना एवं सेवा-भावना ने वन विभाग की सकारात्मक एवं जनहितैषी छवि को और अधिक सुदृढ़ किया है। इस अवसर पर जू सफारी के सफारी बस चालकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया तथा सभी चालकों के बीच जूतों का वितरण किया गया। उन्होंने कहा कि यह पहल सेवा-भावना का उत्कृष्ट उदाहरण होने के साथ-साथ समाज के प्रति वन विभाग की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है।
डॉ० नेशामनी के., मुख्य वन संरक्षक ने कहा कि वन विभाग के पदाधिकारी एवं कर्मचारी केवल प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी भूमिका निभाते हुए मानवता और लोकसेवा के उच्च आदर्शों को भी साकार कर रहे हैं। उन्होंने मलमास मेला 2026 में योगदान देने वाले सभी पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी उत्साह, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली के साथ विभागीय दायित्वों के निर्वहन की अपेक्षा व्यक्त की।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मलमास मेला के दौरान प्रतिनियुक्त सभी कर्मियों ने अत्यंत दक्षता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। मेले की अवधि में वन विभाग के कार्यों से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत प्राप्त नहीं होना विभाग की कार्यकुशलता एवं समर्पण का प्रमाण है।

डॉ० नेशामनी के., मुख्य वन संरक्षक, पटना ने कहा कि मलमास मेला 2026 की अभूतपूर्व सफलता के पीछे राजगीर जू सफारी के निदेशक श्री राम सुन्दर एम एवं नालंदा वन प्रमंडल के वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री राजकुमार एम० का कुशल नेतृत्व, उत्कृष्ट प्रबंधन क्षमता तथा समर्पित कार्यशैली रही है। उन्होंने दोनों पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन एवं प्रभावी समन्वय के कारण लाखों श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर सेवाऐं उपलब्ध कराई जा सकीं, जो वन विभाग की कार्यकुशलता एवं जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री राम सुन्दर एम, निदेशक, राजगीर जू सफारी ने बताया कि मलमास मेला 2026 के दौरान जू सफारी एवं नेचर सफारी में कुल लगभग 65,000 पर्यटकों ने भ्रमण किया। पर्यटकों की सुविधा के लिए विशेष शटल सेवा जरादेवी मंदीर से जू सफारी तक का संचालन किया गया, जिसके माध्यम से लगभग 8,696 पर्यटकों को आवागमन की सुविधा प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, पर्यटकों के स्वास्थ्य एवं आपात आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कियोस्क की व्यवस्था भी की गई, साथ ही पर्यटकों के बैठने हेतु शेड एवं पानी की भी व्यवस्था की गयी। इसके साथ ही जरादेवी मंदीर से लेकर वनगंगा के बीच 08 स्थानों पर टूरिस्ट इंफार्मेशन कियोस्क, 07 स्थानों पर वॉटर प्वाइंट एवं 04 स्थानों पर शौचालय की भी व्यवस्था की गयी थी। साथ ही निदेशक महोदय के द्वारा बताया गया की जू सफारी एवं नेचर सफारी के अलावा वेणुवन, जयप्रकाश उद्यान, सोनभंडार, गृद्धकुट भवन एवं घोड़ाकटोरा में कार्यरत सभी कर्मियों के द्वारा भी पर्यटकों को काफी सहयोग किया गया है।
कार्यक्रम में श्री राम सुन्दर एम, निदेशक, राजगीर जू सफारी, श्री राजकुमार एम०, वन प्रमंडल पदाधिकारी, नालंदा वन प्रमंडल, बिहारशरीफ, सभी पशुचिकित्सा पदाधिकारी, जू सफारी, सहायक वन संरक्षक, जू सफारी एवं नेचर सफारी तथा जू सफारी एवं राजगीर प्रक्षेत्र के वनों के क्षेत्र पदाधिकारी तथा बडी संख्या में वनकर्मी उपस्थित रहे।
