BPSC पेपर लीक कांड: BARC का कर्मचारी निकला ‘मास्टरमाइंड’ मुंबई से नालंदा के रोशन कुमार की गिरफ्तारी…

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#ख़बरें Tv: पटना/मुंबई: बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीपीएससी (BPSC) की सहायक शिक्षा विकास अधिकारी (AEDO) परीक्षा के पेपर लीक मामले में ईओयू ने भारत के प्रतिष्ठित संस्थान भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के एक तकनीकी सहायक को गिरफ्तार किया है।
BARC परिसर से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोशन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के ककरिया गांव/का रहने वाला है। रोशन कुमार वर्तमान में मुंबई स्थित BARC में तकनीकी सहायक (Technical Assistant) के पद पर तैनात था। ईओयू की टीम ने मुंबई जाकर BARC अधिकारियों के सहयोग से उसे वहीं के परिसर से दबोचा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 17 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई बीपीएससी AEDO परीक्षा से जुड़ा है। आरोप है कि रोशन कुमार ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र और उसकी उत्तर कुंजी (Answer Key) सोशल मीडिया पर वायरल कर दी थी।
साजिश का तरीका:
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि रोशन कुमार ने परीक्षा के दिन नालंदा के सोहसराय स्थित पीएल साहु हाई स्कूल परीक्षा केंद्र में अवैध रूप से प्रवेश किया था। उसने वहां खुद को एक प्रभावशाली अधिकारी के रूप में पेश किया और अपनी ‘पहुंच’ का फायदा उठाकर मोबाइल से प्रश्नपत्र की तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद उसने इन तस्वीरों को अपने गिरोह के अन्य सदस्यों और अभ्यर्थियों को भेज दिया।
EOU की पैनी नजर और कार्रवाई
परीक्षा के दौरान ही पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने इसकी जांच शुरू की थी। तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए ईओयू की टीम रोशन कुमार तक पहुँची। ईओयू के अनुसार, रोशन इस पूरे सिंडिकेट की एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जो सरकारी नौकरी में होने के बावजूद सॉल्वर गैंग के साथ मिलकर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा था।
डिजिटल युग में ‘सफेदपोश’ अपराधी
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि आरोपी एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थान का कर्मचारी है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ है कि प्रश्नपत्र लीक करने के लिए मैसेंजर ऐप्स और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल किया गया था ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके।
आगे क्या?
फिलहाल रोशन कुमार को मुंबई से ट्रांजिट रिमांड पर बिहार लाया गया है। ईओयू उससे कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के सरगना और अन्य अभियुक्तों का पता लगाया जा सके। पुलिस को संदेह है कि इस कांड के तार अन्य बड़ी परीक्षाओं से भी जुड़े हो सकते हैं।
बिहार के मेधावी छात्रों के लिए यह खबर एक ओर जहां राहत लेकर आई है कि दोषी पकड़ा गया, वहीं दूसरी ओर प्रतिष्ठित संस्थानों में बैठे लोगों की इस तरह की संलिप्तता ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
