भारत मंडपम में चमकी बिहार की खेल क्रांति की तस्वीर…
दिल्ली के एसएफआई स्पोर्ट्स, फिटनेस एवं खेल अवसंरचना प्रदर्शनी में बिहार के आकर्षक मंडप ने खींचा देशभर का ध्यान..
खिलाड़ियों की उपलब्धियों और सरकार की दूरदर्शी खेल नीतियों का हुआ प्रभावशाली प्रदर्शन..

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#ख़बरें Tv: पटना,30 जुलाई 2026:- नई दिल्ली के भारत मंडपम में 30 जुलाई से 1 अगस्त 2026 तक आयोजित एसएफआई स्पोर्ट्स, फिटनेस एवं खेल अवसंरचना प्रदर्शनी में बिहार ने खेल विकास के क्षेत्र में अपनी नई पहचान का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रतिष्ठित समाचार पत्र समूह द टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी में बिहार के खेल विभाग एवं बिहार राज्य खेल प्राधिकरण का मंडप आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा।
देश के सभी राज्यों, खेल संस्थानों, अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों, खेल विशेषज्ञों तथा खेल सामग्री निर्माण से जुड़े उद्योगों की भागीदारी वाली इस प्रदर्शनी में बिहार ने अपनी खेल यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को आधुनिक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
प्रदर्शनी में बिहार के खेल विभाग के मंडप का उद्घाटन हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया,बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह तथा बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण तथा द टाइम्स ऑफ़ इंडिया के सीओओ श्री मोहित जैन की उपस्थिति में फीता काटकर किया।
इस अवसर पर बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य सरकार की दूरदर्शी खेल नीतियों, खिलाड़ियों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं तथा आधुनिक खेल आधारभूत संरचनाओं के विकास ने बिहार में खेल संस्कृति को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएँ, बेहतर प्रशिक्षण और प्रोत्साहन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। यही कारण है कि बिहार आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर भी एक विशिष्ट पहचान बनाने की ओर तेज़ी से अग्रसर है।
प्रदर्शनी के दौरान आयोजित ‘भारत में खेल संस्कृति के निर्माण’ विषय पर खेल विधा से जुड़े देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के साथ परिचर्चा में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री रवीन्द्रण शंकरण ने बिहार के खेल विकास मॉडल को देश के सामने विस्तार से रखा। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की ‘मशाल’ खेल प्रतियोगिता और ‘एकलव्य आवासीय खेल प्रशिक्षण केंद्र’ जैसी पहलें गांवों, स्कूलों और खेल अकादमियों तक खेल संस्कृति को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बनी हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की खेल नीति का उद्देश्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि समाज में खेल को जीवनशैली का हिस्सा बनाना और प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को आगे बढ़ने का समान अवसर उपलब्ध कराना है।
बिहार के मंडप में राज्य सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता को विस्तार से प्रदर्शित किया गया। इसमें नई खेल नीति, खिलाड़ियों के लिए सरकारी नियुक्ति की व्यवस्था, खेल छात्रवृत्ति योजना, पदक विजेताओं के लिए सम्मान एवं प्रोत्साहन राशि, प्रतिभा खोज अभियान, खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण, आधुनिक प्रशिक्षण प्रणाली तथा खिलाड़ियों के समग्र विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई।
प्रदर्शनी में बिहार में तेजी से विकसित हो रहे खेल ढांचे की भी व्यापक झलक प्रस्तुत की गई। राजगीर खेल अकादमी, पाटलिपुत्र खेल परिसर सहित राज्य में विकसित हो रहे आधुनिक खेल परिसरों, प्रशिक्षण केंद्रों और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं को प्रदर्शित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि किस प्रकार बिहार खेल अवसंरचना के विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है।
मंडप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बिहार के खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। विभिन्न खेलों में देश और विदेश में पदक जीतकर बिहार का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों की प्रेरक सफलताओं ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया और राज्य की उभरती खेल क्षमता का परिचय कराया।
प्रदर्शनी के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि बिहार अब केवल खेल प्रतिभाओं की भूमि ही नहीं, बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाएँ, वैज्ञानिक प्रशिक्षण और उज्ज्वल भविष्य उपलब्ध कराने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, आधुनिक खेल अवसंरचना और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों ने बिहार को देश के तेजी से विकसित हो रहे खेल राज्यों की अग्रिम पंक्ति में ला खड़ा किया है।
एसएफआई स्पोर्ट्स, फिटनेस एवं खेल अवसंरचना प्रदर्शनी में बिहार के मंडप को खेल विशेषज्ञों, विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, खिलाड़ियों, खेल उद्योग से जुड़े उद्यमियों तथा बड़ी संख्या में आगंतुकों ने सराहा। बिहार के खेल विकास मॉडल और खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया तथा राज्य की नई खेल पहचान को राष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित किया है।
