हरनौत के न्यू प्राइमरी स्कूल चिंतामनचक में सिर्फ चार स्टूडेंट,
बच्चों को पढ़ाने के लिए चार टीचर, एक महीने का बजट 1.48 लाख…

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#ख़बरें Tv: हरनौत: नालंदा जिले के हरनौत ब्लॉक स्थित प्राइमरी स्कूल चिंतामनचक में 4 छात्रों के लिए चार शिक्षक भी तैनात हैं।जिन पर सरकार प्रतिमाह 1.48 लाख खर्च कर रही है।यह मामला न केवल संसाधनों के दुरुपयोग को दर्शाता है,बल्कि शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली में गंभीर खामियों को भी उजागर करता है।वर्ष 2007 में स्थापित इस विद्यालय में छात्रों की संख्या में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है।प्रधान शिक्षिका पुष्पांजलि कुमारी के अनुसार वर्तमान में कक्षा पहली से पांचवीं तक पढ़ाई होती है जिसमें कुल चार बच्चे का एडमिशन है।पिछले सत्र में मात्र पांच बच्चे का नामांकन था।गांव छोटा है।गांव में 40 परिवार जबकि तकरीबन 250 वोटर हैं।अधिकांश परिवार रोजगार की तलाश में दूसरे प्रदेश में चले गए हैं।इस वजह यहां कम बच्चों का एडमिशन हुआ है।स्कूल में प्रधान शिक्षिका के अलावा रौशन राज(दोनों बीपीएससी से),धर्म शिला और संगीता देवी(दोनों पंचायत शिक्षिका)कार्यरत हैं।इन चारों शिक्षकों पर सरकार का मासिक व्यय लगभग 1.48 लाख आता है।विद्यालय की भौतिक स्थिति भी चिंताजनक है।गांव के उमेश चंद्र बिहारी द्वारा दान की गई साढ़े चार कट्ठा जमीन पर स्थित यह स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहा है।बारिश के दिनों में परिसर में जलजमाव हो जाता है,भवन की छत का प्लास्टर गिरता रहता है।चारदीवारी,शौचालय और कुछ कमरों की स्थिति भी दयनीय है।
मिड-डे मील की समस्या
स्वच्छता और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी स्थिति चिंताजनक है।मिड-डे मील का भोजन गोबर के उपले या लकड़ी जलाकर तैयार किया जाता है। शिक्षिका धर्मशिला के अनुसार गैस कनेक्शन नहीं मिला है।चूल्हे से निकलने वाला धुआं बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है।
एक साल के बाद भी विभाग ने नहीं लिया एक्सन
स्कूल के प्रधान शिक्षिका पुष्पांजलि के अनुसार पीछले वर्ष विभिन्न प्रिंटिंग अखबार एवं डिजिटल मीडिया पर इस स्कूल को लेकर ख़बर छपीं थी। लेकिन संबंधित विभाग न हीं तो किसी शिक्षकों का स्थानांतरण किया और हीं बच्चे के भविष्य को लेकर सोचें। उन्होंने कहा पीछले वर्ष जब ये खबर मीडीया में आया था तो हमें अफ़सर ने डांट भी सुनाया था।वहीं,प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी नितेश कुमार रंजन का कहना है कि मामला उनकी जानकारी में है।गांव में बच्चों की संख्या कम है,फिर भी हम जांच-पड़ताल करेंगे।
हरीओम की रिपोर्ट
