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#bihar: प्रसारण दिवस पर “नागरिक-केंद्रित सुशासन में प्रसारण माध्यमों की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित…

Bykhabretv-raj

Jul 23, 2026

 

 

 

 

 

प्रसारण दिवस पर “नागरिक-केंद्रित सुशासन में प्रसारण माध्यमों की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी आयोजित…

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: पटना, 23 जुलाई। ए. एन. कॉलेज, पटना के स्नातकोत्तर लोक प्रशासन विभाग द्वारा **प्रसारण दिवस** के अवसर पर विभागीय पुस्तकालय में **”नागरिक-केंद्रित सुशासन में प्रसारण माध्यमों की भूमिका”** विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो रत्न अमृत ने कार्यक्रम की शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष **डॉ. कविता राज** ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में **डॉ. कविता राज** ने कहा कि 23 जुलाई 1927 को इंडियन ब्रॉडकास्टिंग कंपनी (IBC) के बंबई (मुंबई) स्टेशन से देश का पहला संगठित रेडियो प्रसारण शुरू हुआ।इस ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल 23 जुलाई को राष्ट्रीय प्रसारण दिवस मनाया जाता है।आकाशवाणी का सफर: इस सेवा का नाम बाद में बदलकर वर्ष 1957 में आकाशवाणी रखा गया।
प्रसारण माध्यम सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास एवं संवाद का सशक्त सेतु हैं। उन्होंने कहा कि आकाशवाणी, दूरदर्शन, सामुदायिक रेडियो तथा डिजिटल प्रसारण मंच न केवल सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी जन-जन तक पहुँचाते हैं, बल्कि पारदर्शिता, उत्तरदायित्व, जनसहभागिता तथा सुशासन को भी सुदृढ़ करते हैं।प्रसारण माध्यम शासन की नीतियों एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।क्योंकि किसी भी तरह की सरकार ये कोशिश करती है कि उसकी छवि जनता के सामने बेहतर बने।

महाविद्यालय के **बर्सर डॉ. अभिषेक दत्ता** अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि *नागरिक-केंद्रित सुशासन की सफलता प्रभावी संचार और जागरूक नागरिकों पर निर्भर करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से जिम्मेदार मीडिया उपयोग तथा तथ्यपरक सूचना के प्रसार में अपनी सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्य वक्ता **पटना विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुधीर कुमार** ने कहा कि नागरिक-केंद्रित सुशासन की सफलता प्रभावी, विश्वसनीय एवं उत्तरदायी संचार व्यवस्था पर निर्भर करती है। उन्होंने तथ्यपरक एवं विश्वसनीय सूचना के प्रसार, फेक न्यूज़ पर नियंत्रण तथा डिजिटल युग में सार्वजनिक प्रसारण सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

**विशिष्ट अतिथि डॉ. कविता श्रीवास्तव** पूर्व विभागाध्यक्षr राजनीतिक विज्ञान , ए. एन. कॉलेज, पटना ने कार्यक्रम के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।

डॉ. शत्रुघ्न, ने कहा कि प्रसारण माध्यम लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ हैं। उन्होंने कहा कि जनसंचार के माध्यमों का दायित्व केवल समाचारों का प्रसारण करना नहीं, बल्कि नागरिकों में सामाजिक उत्तरदायित्व, जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास करना भी है।

संगोष्ठी में विभाग के शिक्षक, शोधार्थी ऋषभ और दीपक, सेमेस्टर 3 के राखी,आयुष, vaishnavi, आरती, दीपशिखा विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा विषय पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम mai स्वागत भाषण डॉ कामना ने दिया, संचालन सेमेस्टर 3 के छात्र आयुष और **डॉ. प्रीति कुमारी** ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, मुख्य वक्ता, सभी शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।