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#bihar: वैशाली सबसे पुराने लोकतंत्र और प्राचीन नालंदा सबसे पुराने विश्वविद्यालय के रूप में भारत की गौरवशाली विरासत है….

Bykhabretv-raj

Aug 17, 2026

 

 

 

 

 

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने किया नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा…

 

 

 

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार | सोमवार, 17 अगस्त 2026: भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने आज नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। विश्वविद्यालय परिसर में उनके आगमन पर कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने उनका स्वागत किया।

दौरे के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी तथा विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण भी किया। इस अवसर पर श्री ज्ञानेश कुमार ने नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों और पहलों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से नेट-जीरो एवं सतत विकास से जुड़े प्रयासों, सहभागिता पहल, अकादमिक उत्कृष्टता तथा विश्वविद्यालय के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव की प्रशंसा की।

क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और लोकतंत्र एवं ज्ञान की परंपरा का उल्लेख करते हुए श्री ज्ञानेश कुमार ने कहा कि “वैशाली सबसे पुराने लोकतंत्र और प्राचीन नालंदा सबसे पुराने विश्वविद्यालय के रूप में भारत की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं।” उन्होंने कहा कि यह विरासत भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को समकालीन उच्च शिक्षा से जोड़ने का एक विशिष्ट आधार प्रदान करती है। उन्होंने सुझाव दिया कि नए नालंदा विश्वविद्यालय में लोकतंत्र एवं निर्वाचन अध्ययन से संबंधित पाठ्यक्रम अवश्य शुरू किया जाना चाहिए।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने नालंदा विश्वविद्यालय और इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) के बीच अकादमिक सहयोग का प्रस्ताव रखा। इसके तहत IIIDEM की ओर से आवश्यक अकादमिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग के साथ निर्वाचन लोकतंत्र पर केंद्रित विशेष रूप से तैयार पाठ्यक्रमों और कार्यक्रमों की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया गया। इस सहयोग का उद्देश्य लोकतांत्रिक संस्थाओं और निर्वाचन प्रक्रियाओं के क्षेत्र में नालंदा विश्वविद्यालय की अकादमिक सहभागिता को और मजबूत करना है।

यह दौरा नालंदा विश्वविद्यालय और लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत भारत के प्रमुख संस्थानों के बीच अकादमिक सहयोग, ज्ञान के आदान-प्रदान और नए शैक्षणिक अवसरों की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।

इस अवसर पर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री विनोद सिंह गुंजियाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।