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#bihar: ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात संगीतज्ञ पंडित विश्व मोहन भट्ट की मोहक प्रस्तुति ने नालंदा विश्वविद्यालय के श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध…

Bykhabretv-raj

Nov 4, 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात संगीतज्ञ पंडित विश्व मोहन भट्ट की मोहक प्रस्तुति ने नालंदा विश्वविद्यालय के श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध…

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार | बुधवार, 4 नवंबर 2026: नालंदा विश्वविद्यालय में सोमवार की संध्या भारतीय शास्त्रीय संगीत की सुरमयी प्रस्तुति के नाम रही। ग्रैमी पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात संगीतज्ञ पंडित विश्व मोहन भट्ट ने विश्वविद्यालय के सुषमा स्वराज सभागार में अपनी मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने राग मारू बिहाग की भावपूर्ण प्रस्तुति दी, जिसमें सधे हुए आलाप से आरंभ होकर जटिल जोड़ और मनमोहक झाला तक संगीत की सुंदर यात्रा देखने को मिली। इसके बाद तीनताल में विलंबित और द्रुत गत की प्रस्तुति ने समां बांध दिया। मोहन वीणा और तबले के बीच सुरों का संवाद इस संगीतमय संध्या का विशेष आकर्षण रहा।

कार्यक्रम में आगे उन्होंने राग किरवानी की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। इसके पश्चात अपने ग्रैमी पुरस्कार विजेता एल्बम मीटिंग बाय द रिवर की प्रसिद्ध शीर्ष रचना प्रस्तुत की। उनकी वंदे मातरम् की प्रस्तुति ने संगीत और राष्ट्रीय भावना के साझा भाव से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। मोहन वीणा पर उनके असाधारण कौशल ने हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की कालजयी महत्ता और सीमाओं से परे जाकर मानवीय संवेदनाओं को स्पर्श करने की उसकी क्षमता को एक बार फिर रेखांकित किया।

विश्वविद्यालय की सहभागिता संवाद पहल के अंतर्गत आसपास के विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इस संगीतमय संध्या में आमंत्रित किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतज्ञ की प्रस्तुति सुनने का अवसर मिला, बल्कि उन्हें इस प्रतिष्ठित कलाकार से संवाद करने का भी अवसर प्राप्त हुआ। इससे वे भारत की समृद्ध संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से और निकटता से जुड़ सके।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने पंडित विश्व मोहन भट्ट तथा उनके साथ संगत करने वाले कलाकार को सम्मानित किया और भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान की सराहना की।