July 22, 2024

#Bihar: नए आपराधिक कानून हुए प्रभावी, क्या है नए कानून और क्या हुआ बदलाब..जानिए

 

 

 

 

 

नए आपराधिक कानून हुए प्रभावी,थाना व ओपी पर हुए जागरूकता कार्यक्रम…..

 

 

 

 

 

 

 

 

ख़बरें टी वी : पिछले 14 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ..ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …
आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें…ई. शिव कुमार, “ई. राज” —9334598481.. हमारी मुहिम… नशा मुक्त हर घर …

… बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे …

 

 

 

 

 

खबरें टी वी: हरनौत (नालंदा) देश में सोमवार से नए आपराधिक कानून भारतीय दंड संहिता की जगह लागू हो गया। इसे लेकर स्थानीय अंचल के एसएचओ ने थाना व ओपी पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया । जिनमें पुलिसकर्मियों, आम लोगों और जन प्रतिनिधियों को जानकारी दी गई।
जिसमें स्थानीय थाना में एसएचओ मो. अबू तालिब अंसारी ने आम लोगों को इस नए कानून की जानकारी दी।वहीं चेरो ओपी में ओपी अध्यक्ष मिथिलेश पंडित, तेलमर थाना में शत्रुघ्न साह , कल्याण बिगहा थाना में विकास कुमार व गोखुलपुर थाना में सुमन कुमार ने लोगों को विस्तार से बताया ।

 

 

क्या है नए कानून और क्या हुआ बदलाब

 

 

बिहार सहित देश भर में तीन नए आपराधिक कानून आधी रात के बाद से लागू हो गए। ये कानून हैं- भारतीय न्याय संहिता, (बीएनएस), 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 व भारतीय साक्ष्य अधिनियम ( बीएसए )2023, बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से इसके लिए राज्य में 25 हजार पुलिसकर्मियों को नए कानूनों का प्रशिक्षण दिया गया है।
बड़े बदलावा क संबंध में थानों को एक पुस्तिका उपलब्ध करायी गयी है। थाना अध्यक्ष उसे आमंत्रित नागरिकों के बीच उपलब्ध कराएंगे।

पुलिस पदाधिकारियों को पुराने कानून से नए कानून में हुए बदलाव, पुराने कानून और नये कानून के धाराओं का तुलनात्मक चार्ट दिया गया है। वहीं,अनुसंधानकर्ताओं के लिए अलग से जानकारी दी गयी है। प्रशिक्षण के दौरान गंभीर अपराध के घटनास्थल पर उपलब्ध वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन करने,वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी के लिए विधि विज्ञान विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गयी है। मोबाइल, सोशल मीडिया, इंटनरेट आदि के बढ़ते इस्तेमाल से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य संग्रह कर न्यायालय में पेश करने की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का भी प्रशिक्षण दिया गया है।

भारतीय दंड संहिता में 23 अध्याय और अपराध की 511 धाराएं थीं। लेकिन इसकी जगह पर लागू भारतीय न्याय संहिता 2023 में 20 अध्याय और 358 धाराएं शामिल की गई हैं। भारतीय न्याय संहिता में कई धाआरों को निरस्त कर दिया गया और कई अपराध एवं दंड के प्रावधानों को जोड़ा गया है। हत्या, लूट, चोरी, दुष्कर्म, छेड़खानी, नाबालिग का अपहरण, दहेज हत्या, धाखाधड़ी, रंगादरी सहित कई अपराध की धारा में बदलाव किया गया है। नए कानून डिजिटल साक्ष्य सहित तलाशी जब्ती का आडियो-वीडियो रिकार्डिंग को जरूरी कर दिया गया है। अब हत्या के लिए 302 की जगह धारा 103, हत्या की कोशिश में 307 की जगह धारा 109, दुष्कर्म के लिए 376 की जगह धारा 64 और चोरी में धारा 379 की जगह 303 (2) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

एक जुलाई से लागू होने वाले नए आपराधिक कानून में ऑनलाइन आवेदन और एफआईआर इत्यादि पर विशेष जोर दिया गया है। लेकिन यह जानना जरूरी है कि किसी पीड़ित द्वारा पुलिस को ऑनलाइन ई- मेल देने भर से कार्रवाई नहीं होगी। ईमेल भेजने के तीन दिन के अंदर पीड़ित को थाने में उपस्थित होकर आवेदन पर हस्ताक्षर करने होंगे। तभी पुलिस अनुसंधान और कार्रवाई शुरू करेगी। नए कानून के तहत सात साल से अधिक सजा वाले अपराधों में एफएसएल की टीम को जांच के लिए मौके पर बुलाना अनिवार्य किया गया है। नए कानून से अमन पसंद नागरिकों को खासा फायदा होगा। उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी। शून्य एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा।

 

 

 

रिपोर्ट हरिओम कुमार के साथ खबरें डेस्क…