July 22, 2024

महान भारतीय गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे

 महान भारतीय गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे| लंबे समय से बीमार चल रहे वशिष्ठ नारायण का आज सुबह राजधानी पटना निधन हो गया है| उन्होंने 74 साल की उम्र में आखिरी सांस ली, बताया जा रहा है कि गुरुवार की सुबह उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी| जिसके बाद तत्काल उन्हें राजधानी स्थित पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने वशिष्ठ नारायण को मृत घोषित कर दिया|


बसंतपुर के रहने वाले थेवशिष्ठ नारायण सिंह, उनका जन्म 2 अप्रैल 1942 को हुआ था|1962 बिहार में मैट्रिक की परीक्षा पास की, पटना विज्ञान महाविद्यालय (सायंस कॉलेज) में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात अमेरिका से पटना आए प्रोफेसर कैली से हुई थी| प्रोफेसर कैली ने वशिष्ठ नारायण सिंह की प्रतिभा से प्रभावित होकर उन्हें बरकली आकर शोध करने को कहा था|

जिसके बाद वो 1963 में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में शोध करने के लिए गए थे और 1969 में गणित में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पी.एच.डी की थी| चक्रीय सदिश समष्टि सिद्धांत पर शोध कार्य ने उन्हें भारत और विश्व में प्रसिद्ध कर दिया| वशिष्ठ नारायण ने वाशिंगटन में गणित के प्रोफेसर के पद पर काम किया था| 1971 में वो भारत वापस लौट आए और यहां उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर और भारतीय सांख्यकीय संस्थान, कलकत्ता में काम किया था|