नालंदा विश्वविद्यालय ने भारत और रूस की संस्थाओं के साथ नए सहयोग की दिशा में बढ़ाया कदम…

ख़बरें टी वी : पिछले 15 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ.. ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें… ई. शिव कुमार, “ई. राज” -9334598481.
.. हमारी मुहिम .. नशा मुक्त हर घर .. बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे ..
… हमारे प्लेटफार्म पर गूगल द्वारा प्रसारित विज्ञापन का हमारे चैनल के द्वारा कोई निजी परामर्श नहीं है, वह स्वतः प्रसारित होता है …
@ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, 19 अक्टूबर 2025: भारतीय ज्ञान परम्परा को बढ़ावा देने, और वैश्विक सभ्यतागत संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में नालंदा विश्वविद्यालय ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने इस सप्ताह दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। ये समझौता, मुंबई में ज्योत और गीतार्थ गंगा आध्यात्मिक अनुसंधान संस्थानों के साथ, और रूस के काल्मिक स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ किया गया।
ज्योत और गीतार्थ गंगा के साथ, आज मुंबई में हुए इस समझौते का मूल उद्देश्य प्राचीन जैन पांडुलिपियों और दूसरी अमूल्य भारतीय साहित्य के संकलन, संरक्षण और प्रकाशन को प्रोत्साहित करना है। यह एमओयू साइनिंग कार्यक्रम पूज्य पंडित महाराज साहेब युगभूषणसूरी जी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय की तरफ से प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, गीतार्थ गंगा की तरफ से ट्रस्टी निशित जावेरी और ज्योत की तरफ से ट्रस्टी डॉ. भास्कर शाह ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। नालंदा विश्वविद्यालय आगे होने वाले ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ कॉन्क्लेव में एक ‘नॉलेज पार्टनर’ के रूप में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
इससे पूर्व, शुक्रवार को विश्वविद्यालय ने रूस की काल्मिक स्टेट यूनिवर्सिटी के साथ भी एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य बौद्ध अध्ययन, ओरिएण्टल भाषाओं और सांस्कृतिक अनुसंधान के क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाना है।

हाइब्रिड मोड में हुए इस कार्यक्रम में नालंदा विश्विद्यालय का प्रतिनिधित्व कुलपति प्रोफेसर चतुर्वेदी ने किया और साथ ही, काल्मिक स्टेट यूनिवर्सिटी के रेक्टर प्रो. बद्मा कातिनोविच सालाएव, भारतीय दूतावास से निखिलेश चंद्र गिरी और विनय कुमार सहित दोनों संस्थानों के विशेषज्ञों की उपस्थिति रही।
इन दोनों समझौतों ने नालंदा विश्वविद्यालय की यात्रा में एक नई ऊर्जा और दिशा जोड़ी है। नालंदा इन साझेदारियों के माध्यम से आपसी शैक्षणिक सहयोग को अग्रसर करने के साथ-साथ वैश्विक संस्कृतियों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का भी काम कर रहा है।
