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#bihar: मेडियेशन फोर नेशन 2.0 नालन्दा में कानूनी जागरूकता और मध्यस्थता का महत्व….

Bykhabretv-raj

Jan 21, 2026

 

 

 

 

 

 

 

 

 

  मेडियेशन फोर नेशन 2.0 नालन्दा में कानूनी जागरूकता और मध्यस्थता का महत्व….

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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नालन्दा – इसलामपुर प्रखंड के कोचरा कुशवाहा भवन में बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के द्वारा व माननीय मुख्य न्यायधीश उच्च न्यायालय पटना के निर्देशन में मेडियेशन फोर नेशन 2.0 विषय पर नालन्दा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष सह जिला जज गुरुविन्दर सिंह मलहोत्रा व प्राधिकार के सचिव राजेश कुमार गौरव तथा अनुमंडलीय विधिक सेवा समिति हिलसा के अध्यक्ष सह एडीजे आलोक कुमार पाण्डेय व सचिव सह एसडीजेएम शोभना स्वेतांकी के संयुक्त तत्वावधान में पैनल अधिवक्ता विजय कुमार एवं हिलसा अनुमंडल कार्यालय में लीगल सर्विस सेन्टर में प्रतिनियुक्त पीएलवी आलोक कुमार के कुशल नेतृत्व में मेडियेशन फोर नेशन 2.0 विषय पर आमलोगों के बीच लीगल जानकारी मुहैया करायी गयी /
इस विषय पर पैनल अधिवक्ता विजय कुमार ने बताया कि मध्यस्थता फोर नेशन 2.0 भारत के न्यायिक तंत्र की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य विवादों का शीघ्र सुलभ और सौहार्दपूर्ण समाधान करना / इस अभियान को देश के माननीय न्यायाधीशों विशेषकर उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का सक्रिय समर्थन प्राप्त है /पटना उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संगम कुमार साहू इन्हीं के द्वारा मेडियेशन फोर नेशन 2.0 को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया
 गया है /
उनके मार्गदर्शन में यह संदेश दिया गया कि मध्यस्थता
न्याय का सरल और मानवीय माध्यम है / न्यायालयों पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम करने में मध्यस्थता अत्यंत प्रभावी है /
आपसी सहमति से समाधान समाज में शांति और विश्वास को बढ़ाता है /
मध्यस्थता से समय , धन और मानसिक तनाव की बचत होती है / पारिवारिक , वैवाहिक , संपति, श्रम और वाणिज्यिक विवादों में यह अत्यंत उपयोगी है / मेडियेशन एक्ट 2023 की भावना को जन जन तक पहुंचाना /
न्याय व्यवस्था को अधिक जनहितैषी और प्रभावी बनाना /
संदेश –
माननीय मुख्य न्यायाधीश पटना उच्च न्यायालय ने यह अपील की कि – विवादों को अदालत तक ले जाने से पहले मध्यस्थता को अवसर दें , क्योंकि संवाद ही स्थायी समाधान का मार्ग है/
न्याय केवल निर्णय नहीं , बल्कि समाधान है , और जब समाधान संवाद से निकले , तो वही सच्चा न्याय होता है/
संवाद ही समाधान है और मध्यस्थता ही न्याय का मानवीय स्वरूप /
मध्यस्थता न केवल न्यायालयों के बोझ को कम करती है , बल्कि समाज में शांति , विश्वास और सौहार्द को भी मजबूत करती है / पारिवारिक विवाद हो , संपति से जुड़े मामले हो या व्यवसायिक मतभेद मध्यस्थता हर क्षेत्र में कारगर सिद्ध हो रही है / अन्त में पीएलवी आलोक कुमार ने बताया कि हिलसा एवं बिहार शरीफ में आगामी 14 मार्च 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जायेगा / जिसमें सभी सुलहनीय व अन्य मामलो का निपटारा कराया जायेगा / जिसका लाभ अधिक से अधिक उठायें /
साथ ही साथ बाल विवाह पर चर्चा करते हुआ कहा कि बाल विवाह मुक्त भारत अभियान चलाया जा रहा है जिसमें कानूनी तौर पर शादी के समय लड़की की उम्र 18 वर्ष से उपर एवं शादी के समय लड़के का उम्र २१ वर्ष से ऊपर होना चाहिए /
इसके लिए एक कानून वर्ष 2006 बनाया गया था / जो १ नवम्बर 2007 से लागू हुआ /

इस मौके पर छोटेलाल कुमार , शिवनाथ कुमार , गिरानी देवी , मुन्नी देवी , कामनी देवी , पिंकी देवी , वालमीकि प्रसाद , विरजूसाव , रविन्द्रकुमार , विजय सिंह , अजीत कुमार , रामजी महतो , सीताराम महतो , कुलदीप मेहता , सूर्यमणी देवी , खुशबू कुमारी , रामतारा देवी , संगम कुमारी, साधना देवी , नीलम देवी, रानी देवी , रेखा देवी , नूतन देवी , अशोक कुमार अरुण चौरसिया , रुवी वर्मा , एवं ग्रामीण जनता मौजूद रहे /