मनरेगा बचाओ संग्राम, नालंदा में एकदिवसीय जिला स्तरीय उपवास का आयोजन..

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#ख़बरें Tv: 11 जनवरी 2026 को नालंदा जिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत एकदिवसीय जिला स्तरीय उपवास का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महात्मा गांधी की मूर्ति के समक्ष किया गया, जिसमें नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने नेतृत्व किया। इस उपवास का उद्देश्य मनरेगा योजना की महत्ता को उजागर करना और इसके अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने के लिए जागरूकता फैलाना था।
उपवास कार्यक्रम की शुरुआत जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला के उद्घाटन भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने मनरेगा के महत्व और इसमें आने वाली चुनौतियों पर बात की। उन्होंने बताया कि मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण विकास की एक महत्वपूर्ण योजना है, जो जरूरतमंद लोगों को रोजगार और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। नरेश प्रसाद अकेला ने कहा, “हमें मिलकर इस योजना को बचाने के लिए संघर्ष करना होगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के अवसर बने रहें।”
इस कार्यक्रम में कई प्रमुख कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रोफेसर बच्चन पांडे, फरहत जबीब, सरफराज मलिक, रमेश पासवान, निर्पेंद्र कुमार सिंह, ओंकार शास्त्री, रानी पासवान, नवीन कुमार सिंह, डॉक्टर अवधेश प्रसाद, अनिल कुमार, धनंजय पटेल, इम्तियाज आलम, हरिहर प्रसाद, ताराचंद मेहता, रणजीत सिंह, सुरेंद्र पासवान, संतु कुमार, रोहित रंजन, अमित कुमार, नासिर, टीपू रहमान, श्रीकांत प्रसाद और संजय कुमार जैसे नेताओं का नाम शामिल था। इन सभी ने कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए और मनरेगा योजनाओं के समर्थन में आवाज उठाई।
इस उपवास के दौरान उपस्थित नेताओं ने मनरेगा योजना की उपेक्षा और इसके वित्तीय संकटों पर चिंता व्यक्त की। इसमें हिस्सा लेने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस योजना के प्रति अपने समर्थन की आवाज उठाई और सभी ने संकल्प लिया कि वे इसे बचाने के लिए एकजुट होकर काम करेंगे। उपवास कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मनरेगा योजना की वास्तविकता से अवगत कराना था, ताकि लोग अपनी आवाज उठाते हुए अपनी समस्याओं को सामने ला सकें।
कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने यह भी बताया कि मनरेगा योजना ने लाखों ग्रामीण परिवारों का जीवन बदला है। यह योजना केवल रोजगार प्रदान नहीं करती, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उपवास का नारा था “मनरेगा बचाओ, गरीबों का रोजगार बचाओ”, जो कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।
इस कार्यक्रम से संकेत मिला कि कांग्रेस पार्टी ग्रामीण रोजगार के मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसे राजनीतिक एजेंडे में प्राथमिकता दे रही है। उपवास के दौरान उठाए गए मुद्दे और विचार, आने वाले चुनावों में कांग्रेस पार्टी की रणनीति और ग्रामीण विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन यह दिखाता है कि कांग्रेस पार्टी की नीतियाँ समाज के मूल मुद्दों को पहचानने और उन्हें सुलझाने की दिशा में अग्रसर हैं। इस उपवास ने यह स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के माध्यम से आम जन के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
साथ ही महान स्वतंत्रता सेनानी सादगी और सत्य के प्रतीक भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि नालंदा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला की अध्यक्षता में मनाई गई….
