डी एम, एस पी नालंदा की संयुक्त अध्यक्षता में मादक पदार्थों की रोकथाम के निमित NCORD की बैठक..

ख़बरें टी वी : पिछले 15 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ.. ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें… ई. शिव कुमार, “ई. राज” -9334598481.
.. हमारी मुहिम .. नशा मुक्त हर घर .. बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे ..
… हमारे प्लेटफार्म पर गूगल द्वारा प्रसारित विज्ञापन का हमारे चैनल के द्वारा कोई निजी परामर्श नहीं है, वह स्वतः प्रसारित होता है …
#ख़बरें Tv: आज दिनांक 27 जनवरी 2026 को श्री कुंदन कुमार ,जिला पदाधिकारी, नालंदा एवं श्री भारत सोनी , पुलिस अधीक्षक, नालंदा की संयुक्त अध्यक्षता में मादक पदार्थों की रोकथाम के निमित NCORD की बैठक संबंधित पदाधिकारियों के साथ आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी महोदय द्वारा दिये गये महत्वपूर्ण निर्देश:-
जिस दुकान का जितना स्टॉक का लिमिटेशन है, उससे अधिक मात्रा में दवा/ इंजेक्शन आदि नहीं रखेंगे।
औषधि निरीक्षक द्वारा बताया गया कि कोडीन युक्त कफ सिरप को कोई भी स्टॉकिस्ट एक बिल प्रति 1000 से अधिक नहीं खरीद सकता।
रिटेलर को भी जितना दवा रखना है, उतना ही रखेंगे। रिटेलर कितना दवा ले रहे है, इस पर भी नजर रखेंगे। इसमें भी जीरो टॉलरेंस रहेगा।
बाहर से बस अथवा अन्य वाहन द्वारा दवा लाया जाता है, जांच के क्रम में पकड़े जाने पर यह पता नहीं चल पाता है कि दवा किस प्रतिष्ठान से लाया जा रहा है तथा किसके लिए लाया जा रहा है।
किसी भी दवा का मिसयूज का पता चलते ही तुरंत नियमानुकूल कार्रवाई किया जाय।
सभी दुकान में सी०सी०टी०वी० कैमरा अनिवार्य लगा हो।
बिना परसक्रिप्शन के कफ सिरफ की दवा नहीं देना है।
सिड्यूल – H का गलत फायदा नहीं उठाया जाय। सिड्यूल H के अंतर्गत भी कोई दवा एक ही व्यक्ति चार-पांच की संख्या में लेता है तो बिक्रेता तुरंत औषधि निरीक्षक को इसकी सूचना देंगे।
पुलिस अधीक्षक द्वारा बताया गया कि कई लोग एविल इंजेक्शन को नशे के लिए उपयोग करते हैं।
औषधि निरीक्षक को अगली बैठक में कुल दुकानों की संख्या, कितने दुकानों की जांच किया गया, उसमें क्या तथ्य पाये गये, कितने पर कार्रवाई हुई, स्टॉक का मिलान हो रहा है या नहीं, दवा कहां से आ रहा है आदि प्रतिवेदन रखने का निदेश दिया गया।
स्लीपिंग की दवा की भी जांच करें।
निदेश दिया गया कि कितने दुकानों को नोटिस दिया गया, कितने डिफॉल्टर हुए इसकी सूची पुलिस को दिया जाय।
स्टॉक का मिलान करने पर ही डिफॉल्टर का पता चलेगा। इसलिए स्टॉक का नियमित रूप से मिलान निश्चित रूप से किया जाय।
एविल एवं ब्रूमोफाईन दवा किस दुकान में ज्यादा मात्रा में बिक रहा है, अनुमंडल वार 10-10 दुकानों की सूची तैयार कर उपलब्ध करायेंगे।
एक सप्ताह के अंदर दुकानों की फ्रिस्किंग कर गोपनीय तरीके से रिपोर्ट दें।
कोडिंग एवं कोरेक्स दवा की बिक्री पर निगरानी।
औषधि निरीक्षक द्वारा बताया गया कि हाल ही में चंडी में स्थानीय पुलिस के सहयोग से चण्डी थाना अन्तर्गत औषधि नियंत्रण प्रशासन एवं पुलिस पदाधिकारी के द्वारा संयुक्त रूप से नशा मुक्ति अभियान चलाया गया जिस दौरान एक दवा दुकान *मेसर्स न्यू जय जगत मेडिकल स्टोर्स, चण्डी* का औचक रूप से संयुक्त जाँच किया गया जिसमें Avil Injection का क्रय विक्रय अभिलेख प्रस्तुत नहीं करने के कारण उसके विकी पर तत्काल रोक लगाई गई तथा Cough syrup के नमूना को संग्रहित कर जॉच हेतु प्रयोगशाला भेजा गया।
निरीक्षण के समय क्रय-विक्रय प्रस्तुत न करने के आलोक में दोषी पाये जाने पर 45 दिनों के लिए उनके अनुज्ञप्ति को निलंबित कर दिया गया है।
जिला पदाधिकारी, नालन्दा द्वारा संचालित सभी ड्रग्स (औषधि) संबंधित दुकानों के क्रय-विक्रय, भंडारण एवं वितरण से जुड़े नियमों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। निर्देशित किया गया है कि वे समय-समय पर जिले की सभी ड्रग्स दुकानों की नियमित एवं आकस्मिक छापेमारी करें तथा जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही छापेमारी एवं निरीक्षण से संबंधित अद्यतन जानकारी को समय-समय पर उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर नगर आयुक्त, नगर निगम बिहारशरीफ, उप विकास आयुक्त, विशेष कार्य पदाधिकारी, गोपनीय शाखा, सिविल सर्जन, डीपीएम स्वास्थ्य प्रबंधक , ड्रग इंस्पेक्टर, उपस्थित थें।
