नालंदा विश्वविद्यालय में 77वाँ गणतंत्र दिवस: संविधानिक मूल्यों, वैश्विक दायित्व और युवा सहभागिता का उत्सव…

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार, 27 जनवरी 2026; नालंदा विश्वविद्यालय ने 77वाँ गणतंत्र दिवस गरिमा, राष्ट्रभाव और बौद्धिक विमर्श के साथ मनाया, जहाँ कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और विश्वविद्यालय समुदाय को संबोधित किया, तथा संविधान के आदर्शों और भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में अशोक चक्र को गति और प्रगति का प्रतीक बताते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों का दायित्व है कि वे स्पष्ट दृष्टि, निरंतर गतिशीलता और साझा संकल्प के साथ समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय उद्देश्य, स्पष्टता और सामूहिक जिम्मेदारी के साथ भविष्य की ओर अग्रसर है।
मा. प्रधानमंत्री के संदेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को सहयोग, सहभागिता और सामूहिक कल्याण का प्रकाशस्तंभ बनना चाहिए, और नालंदा विश्वविद्यालय इसी भावना से अंतरराष्ट्रीय संवाद, अकादमिक सहयोग और सांस्कृतिक सहभागिता को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने इस वर्ष मनाए जा रहे वंदे मातरम् के 150 वर्ष तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का स्मरण करते हुए एकता, सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक बुद्धिमत्ता के मूल्यों पर विशेष बल दिया।
बिहार को लोकतंत्र की प्राचीन भूमि बताते हुए उन्होंने वैशाली और लिच्छवी गणराज्य की परंपरा का उल्लेख किया तथा नालंदा की भूमिका को वैश्विक शासन, समान ज्ञान साझेदारी और वैश्विक दक्षिण के सशक्तिकरण से जोड़ा।
जलवायु परिवर्तन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और वैश्विक संकट जैसे समकालीन मुद्दों पर विचार करते हुए उन्होंने छात्रों और शिक्षकों से “नालंदा स्पिरिट”- संवाद, नैतिकता, सतत विकास और करुणा- को भविष्य की दिशा के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
कुलपति के संबोधन के पश्चात नालंदा विश्वविद्यालय के वैश्विक विद्यार्थियों के समूह द्वारा एक आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसमें इंडोनेशिया, भूटान, केन्या, भारत सहित अनेक देशों के विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में नालंदा विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय सहभागिता, सांस्कृतिक संवाद और बहुभाषी परंपराओं को भी विशेष रूप से रेखांकित किया गया। समारोह का समापन संविधान के मूल्यों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता और “ज्ञान का गणराज्य” निर्मित करने के संकल्प के साथ हुआ।
इसके उपरांत कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय में वार्षिक खेल महोत्सव 2026 का शुभारंभ किया गया। सहभागिता पहल के अंतर्गत आस-पास के विद्यालयों के छात्रों एवं शिक्षकों को विश्वविद्यालय क्रिकेट मैदान में आयोजित उद्घाटन मैच देखने के लिए आमंत्रित किया गया।
