नालंदा विश्वविद्यालय में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन…

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार | 21 जून 2026: नालंदा विश्वविद्यालय में रविवार को 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह एवं सामूहिक भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छात्रों, संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा व्यापक नालंदा समुदाय ने स्वास्थ्य, सजगता (माइंडफुलनेस) एवं समग्र कल्याण के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता को अभिव्यक्त किया। इस वर्ष की वैश्विक थीम, “स्वस्थ वृद्धावस्था हेतु योग”, विश्वविद्यालय की संतुलित जीवनशैली एवं आजीवन शिक्षण की स्थायी अवधारणा के साथ गहराई से जुड़ी हुई दिखाई दी।
इस आयोजन में विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी तथा ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, गया के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके साथ ही डीन, संकाय सदस्य, कर्मचारी तथा भारतीय एवं अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों ने योग सत्र में सक्रिय रूप से सहभागिता की।
सभा को संबोधित करते हुए प्रोफेसर चतुर्वेदी ने वृद्धावस्था के गहरे अर्थों पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उम्र को केवल वर्षों अथवा शारीरिक मानकों के आधार पर परिभाषित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नालंदा जैसे विश्वविद्यालय के संदर्भ में व्यक्ति तब अपनी युवावस्था खो देता है जब वह जिज्ञासु बने रहने की भावना को खो देता है।
प्रोफेसर चतुर्वेदी ने कहा कि जिज्ञासा और आत्म-अन्वेषण मानव विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं तथा योग के दर्शन को उन्होंने आत्मचिंतन और सतत् सीखने की प्रक्रिया से जोड़ा। आचार्य नागार्जुन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक प्रयास है जो व्यक्ति को स्वयं और अपने अस्तित्व के विविध आयामों को पुनः खोजने की दिशा प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि आचार्य नागार्जुन द्वारा दर्शन तथा “शून्यता” की अवधारणा के क्षेत्र में किए गए गहन योगदान आज भी बौद्धिक अन्वेषण और आत्म-जागरूकता को प्रेरित करते हैं। नालंदा विश्वविद्यालय की मूल भावना से इस विरासत को जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इन दार्शनिक परंपराओं को समकालीन समझ और व्यवहार में समाहित करने का प्रयास कर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत सहभागिता संवाद पहल के तहत आयोजित योग स्पर्धा कौशल प्रतियोगिता के विजेताओं को पदक एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता में स्थानीय लोगों सहित कुल 130 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो समुदाय की सक्रिय सहभागिता और व्यापक जुड़ाव को दर्शाता है।
