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#bihar: ‘तकनीक के माध्यम से जनजातीय परिवर्तन’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में नालंदा की सहभागिता….

Bykhabretv-raj

Apr 13, 2026

‘तकनीक के माध्यम से जनजातीय परिवर्तन’ पर राष्ट्रीय सम्मेलन में नालंदा की सहभागिता….

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार (तारीख: 13 अप्रैल 2026): राष्ट्रीय नीति एवं विकास से जुड़े विमर्शों में अपनी सतत भागीदारी के क्रम में नालंदा विश्वविद्यालय ने नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित द्विदिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में सहभागिता की। “तकनीक और विज्ञान के जरिए जनजातीय भारत का परिवर्तन– अवसर, आकांक्षाएं, रास्ते” विषयक इस सम्मेलन का उद्घाटन भारत के उपराष्ट्रपति डॉ. सी. पी. राधाकृष्णन ने किया। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा नॉर्थ ईस्ट सेंटर फॉर टेक्नोलॉजी एप्लीकेशन एंड रीच (NECTAR) एवं दून संस्कृति स्कूल, देहरादून के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम के दूसरे दिन नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने “आजीविका, उद्यमिता और समुदाय सशक्तिकरण के लिए तकनीक” नामक महत्वपूर्ण सत्र की अध्यक्षता की।

 

 

इस सत्र में डॉ. अरुण कुमार शर्मा (NECTAR के महानिदेशक), प्रो. अमेय करकरे और प्रो. अनुराग पांडे (आईआईटी कानपुर), तथा मणिपुर के उद्यमी श्री एन. इराबंता सिंह जैसे प्रमुख विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। चर्चा का फोकस तकनीक आधारित आजीविका और समुदाय सशक्तिकरण के रास्तों पर रहा।

अपने संबोधन में प्रोफेसर चतुर्वेदी ने जोर दिया कि वित्तीय समावेशन के लिए ऐसी डिजिटल बुनियादी ढांचे की जरूरत है जो बिना इंटरनेट या बिजली के भी काम कर सके। यह दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों में पहुंच सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम जन धन योजना का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ाव इसका दायरा और प्रभाव लगातार बढ़ाएगा।

नालंदा विश्वविद्यालय ज्ञान, तकनीक और समावेशी विकास को जोड़ने वाली चर्चाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।