संत पंकज जी महाराज की 67 दिवसीय यात्रा: बिहार में शाकाहार और सदाचार का संदेश…..

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#ख़बरें Tv: पटना सिटी (पटना) 13 अपै्रल। परम सन्त बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी संत पंकज जी महाराज 67 दिवसीय षाकाहार-सदाचार एवं मद्यनिशेध का सन्देष विगत माह 8 मार्च से निरन्तर बिहार प्रदेष के जनमानस को देते चल रहे हैं। कल सायंकाल उनकी यात्रा का 39वाँ पड़ाव प्रखण्ड सम्पतचक के ग्राम रामपुर (सोहगी) में पड़ा। उनकी यात्रा का स्थानीय भाई-बहनों ने भावपूर्ण स्वागत किया। आज मध्याह्न में अपने सत्संग सम्बोधन में महाराज जी ने कहा कि यह सत्संग है। ‘‘सत्संग मन की, बुद्धि की, चित्त की तथा अंतःकरण की मैल को काटता है। ‘‘सत्संग जल जो कोई पावै, मैलाई सब कटि-कटि जावे। सत्संग से ही विवेक जागता है। सत्संग ही आत्मा को परमात्मा से मिलने की युक्ति बताता है। सत्संग गाने-बजाने या ढोल-मंजीरा का नाम नहीं। रामचरित मानस में भी प्रमाण मिलता है कि ‘‘मति, कीरत, गति भूत भलाई जो ये जेहिं जतन जहां लग पाई। सो जानेऊ सत्संग प्रभाऊ, लोकहुं वेद न आन उपाऊ।।’’ संत का संग करना ही सत्संग है। हमारे इस मानव तन में संत केवल प्रभु का अंष यानि जीव है। जो दोनों आंखों के मध्य भाग में विराजमान है। वह अपने प्रभु से बिछुड़ गई-युग युगान्त बीत गये। अपने निजघर नहीं पहुंच सकती। कर्मकाण्डों में और उसके प्रतिकूल यानि स्वर्ग बैकुण्ठ में ही फंसती चली गई। ‘‘दुःख में तुमको देखा जबही, दया उठी हम आये तबही।’’ कलयुग में जीवों को जगाने के लिये सन्तों को इस कलयुग में आना पड़ा। वे अपना परिचय देते हुये कहते हैं कि ‘‘हम आये वहि देष से जहां तुम्हारो धाम। तुमको घर पहुचावना एक हमारो काम।।’’ उनके संदेष को सुनकर उनसे भजन की सरल युक्ति पाकर साधन के द्वारा जब मनुश्य अन्तर में अनुभव कर लेता है तो बरबस कह देता है कि ‘‘सोइ जानइ जेहि देहु जनाई, जानत तुम्हहिं, तुम्हहिं होई जाई।।’’ हमारे गुरु महाराज परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज ने यही सरल युक्ति (नाम-दान) देकर देष में करोड़ो लोगों का जीवन बदल दिया, घर में बरक्कत व खुषहाली आ गई। यदि आप भी खुषहाल होना चाहते हैं तो संकल्प के साथ भजन में लग जायें। रास्ता सच्चा है, करोगे तो अनुभव होगा।
महाराज जी ने बाबा जयगुरुदेव जी महाराज की भविश्यवाणियों को सुनाते हुये कहा कि राख बनेगे महानगर तक, एटम के अंगारों से, पत्ता-पत्ता झुलस जायेगा विष्वयुद्ध झंकारों से। मानव की क्या पेष चलेगी, अम्बर तक फट जायेगा। इस धरती का सारा आंगन लाषों से पट जायेगा। यह सब हत्या, हिंसा, मांसाहार, मद्यपान आदि खोटे-बुरे कर्मों के कारण होगा। छोटे-बड़े जीव, सब उस मालिक ने बनायें हैं यदि हम जीव को बना नहीं सकते तो उन्हें मिटाने का अधिकार हमको नहीं है। यही कारण है कि प्रकृति हमसे नाराज है। अभी क्या देखते हो। अनाज की भी भारी कमी होेने वाली है। अब भी सबेरा है खानपान सुधार कर षाकाहारी व नषामुक्त हो जायें और अच्छे समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
उन्हांेंने आगामी 17 से 21 मई तक जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा उ.प्र. में आयोजित होने वाले बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के पावन वार्शिक भण्डारा सत्संग मेला में आने के लिये सबको आमंत्रित किया। पुलिस प्रषासन का षांति व्यवस्था में सहयोग रहा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुनील कुमार, आयोजक सुधीर कुमार, मास्टर राजकमल, सुरेन्द्र राय, अनुज कुमार, भगत जी तथा प्रयागराज संगत के अध्यक्ष सुखराम यादव आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद जनजागरण यात्रा अगले पड़ाव हेतु ग्राम जीवन चक/ज्ञानचक (महुली रोड न्यू एरा हाई स्कूल के पास) थाना दीदारगंज प्र. पटना सदर अनु. गायघाट पटना सिटी के लिये प्रस्थान कर गई। जहां (कल) आज पूर्वाह्न 11.30 बजे से सत्संग आयोजत है।
