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#bihar: भारत की महामहिम राष्ट्रपति नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगी….

Bykhabretv-raj

Mar 28, 2026

 

 

 

 

 

भारत की महामहिम राष्ट्रपति नालंदा विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगी….

 

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, बिहार (27 मार्च, 2026): नालंदा विश्वविद्यालय 31 मार्च, 2026 को अपने राजगीर स्थित स्थायी परिसर में द्वितीय दीक्षांत समारोह का आयोजन करने जा रहा है। इस गरिमामय समारोह में भारत की राष्ट्रपति एवं नालंदा विश्वविद्यालय की विजिटर, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी।

यह विश्वविद्यालय के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी, क्योंकि यह नव उद्घाटित स्थायी परिसर में आयोजित होने वाला पहला दीक्षांत समारोह होगा। इस परिसर का उद्घाटन जून 2024 में भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के बाद यह केवल दूसरा दीक्षांत समारोह है, इससे पूर्व पहला समारोह वर्ष 2016 में आयोजित हुआ था।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त), बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर तथा विदेश मंत्रालय में सचिव (ईस्ट) श्री पेरियासामी कुमारन शामिल होंगे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का यह राजगीर तथा नालंदा विश्वविद्यालय का राष्ट्रपति के रूप में प्रथम दौरा होगा। समारोह के दौरान वे दीक्षांत भाषण देंगी, उपाधियाँ प्रदान करेंगी तथा मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक अपने करकमलों से प्रदान करेंगी। वे विश्वविद्यालय के नवनिर्मित 2000 सीटों वाले सभागार “विश्वमित्रालय” का उद्घाटन भी करेंगी।

पोस्ट-ग्रेजुएट और डॉक्टरेट प्रोग्राम के सभी स्नातकों को व्यक्तिगत रूप से अपनी डिग्री प्राप्त करने के लिए आमंत्रित किया गया है। ये छात्र अलग-अलग देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनमें अर्जेंटीना, वियतनाम, भूटान, इंडोनेशिया, केन्या, लाओस, म्यांमार, सर्बिया, घाना, थाईलैंड, नेपाल, बांग्लादेश और ज़िम्बाब्वे शामिल हैं। इस दीक्षांत समारोह में 10 पीएचडी तथा 36 गोल्ड मैडल प्रदान किए जाएँगे, जो विश्वविद्यालय की बढ़ती वैश्विक शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं।

इसी क्रम में, दीक्षांत समारोह में आने वाले सभी एल्युमिनाई को समर्पित, “मंजिरी” नामक विशेष पत्रिका का भी विमोचन किया जाएगा, जिसे नालंदा विश्वविद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों द्वारा संकल्पित, रूपांकित एवं विकसित किया गया है। इस पत्रिका में विश्वविद्यालय के प्रथम बैच से अब तक के एल्युमिनाई की यात्राओं, अनुभवों और उपलब्धियों को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है।

इसके अतिरिक्त, दिन के उत्तरार्ध में दक्षिण-पूर्व एशियाई अध्ययन केंद्र का औपचारिक शुभारंभ भी किया जाएगा। इस केंद्र की घोषणा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 22वें आसियान–भारत शिखर सम्मेलन के दौरान की थी।

नौ वर्षों के अंतराल के पश्चात आयोजित हो रहा यह दीक्षांत समारोह देश-विदेश से आए विद्यार्थियों, उनके परिजनों तथा गणमान्य अतिथियों की सहभागिता का साक्षी बनेगा।