नालन्दा में दुर्गा पूजा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सजग, विधि-व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की सुविधा पर विशेष फोकस..
• पूजा एवं विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे के प्रयोग पर पूर्णतः रोक
• अवैध चंदा वसूली नहीं होनी चाहिए
• पूजा एवं विसर्जन जुलूस के दौरान हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्णतः रोक
• सभी पूजा पंडालों एवं आयोजन स्थलों पर प्रभावी पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश..

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#ख़बरें Tv: राजगीर। आगामी दुर्गा पूजा के मद्देनजर विधि-व्यवस्था के संधारण एवं श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने को लेकर राजगीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (RICC), राजगीर के सभागार में जिलाधिकारी नालंदा श्रीमती उदिता सिंह एवं पुलिस अधीक्षक नालंदा श्री हृदयकांत की संयुक्त अध्यक्षता में अनुमंडल स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में उप विकास आयुक्त सुश्री सारा अशरफ, अपर समाहर्ता सहित जिला एवं अनुमंडल स्तर के पदाधिकारी, सभी प्रखंडों के बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष उपस्थित रहे।
बैठक में प्रखंडवार दुर्गा पूजा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। पूजा पंडालों की संख्या, लाइसेंस निर्गमन, शांति समिति की बैठक, पूजा समितियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय, विसर्जन मार्ग एवं घाटों की व्यवस्था सहित विधि-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर जानकारी ली गई।
बैठक में प्रत्येक पूजा पंडाल में सीसीटीवी कैमरा, अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, महिला-पुरुष के लिए अलग प्रवेश/निकास एवं कतार, आवश्यक सूचना-पट्ट तथा अन्य सुरक्षा मानकों की चेकलिस्ट के आधार पर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बड़े पंडालों में पूजा समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों का सत्यापन भी सुनिश्चित करने को कहा गया।
सभी पूजा पंडालों को नियमानुसार लाइसेंस देने तथा लाइसेंस जारी करते समय ही विसर्जन जुलूस के रूट का निर्धारण करने का निर्देश दिया गया। बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष को संयुक्त रूप से रूट का सत्यापन करने तथा लाइसेंस की शर्तों को पूजा समितियों एवं स्वयंसेवकों को स्पष्ट रूप से समझाने को कहा गया, ताकि किसी प्रकार की भ्रम की स्थिति न रहे।
विसर्जन स्थलों एवं घाटों का निरीक्षण कर खतरनाक तथा अधिक गहराई वाले स्थानों को चिह्नित करने, आवश्यकतानुसार समतलीकरण, प्रकाश, बैरिकेडिंग एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विसर्जन के दौरान भीड़ नियंत्रण एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही के लिए पर्याप्त आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया।
पूजा एवं विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे तथा हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्देश दिया गया। नियमों का उल्लंघन होने पर नियमानुसार प्राथमिकी एवं आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही चंदा वसूली जैसी गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण रखने का निर्देश दिया गया।
सोशल मीडिया अथवा व्हाट्सऐप समूहों में भ्रामक, आपत्तिजनक या तथ्यहीन संदेश प्रसारित होने पर तत्काल कार्रवाई करने तथा अफवाहों के प्रसार को रोकने का निर्देश दिया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की समुचित निगरानी, अग्निशमन वाहन एवं अन्य प्रशासनिक संसाधनों को तैयार रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला नियंत्रण कक्ष एवं वरीय पदाधिकारियों को देने को कहा गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान सभी पदाधिकारी पूरी सजगता, सक्रियता एवं टीम भावना के साथ कार्य करें। तैयारी में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए। मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक सुरक्षा, सुविधा एवं विधि-व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त होते ही संबंधित पदाधिकारी तत्काल सक्रिय होकर वरीय पदाधिकारियों को सूचित करें। पूजा अवधि में प्राप्त होने वाले प्रत्येक फोन कॉल को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पूजा के दौरान सभी पदाधिकारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों की सक्रियता अत्यंत महत्वपूर्ण है। संवेदनशीलता का आकलन करते समय पूर्व की घटनाओं एवं स्थानीय परिस्थितियों को भी ध्यान में रखा जाए और उसी अनुरूप तैयारी की जाए। उन्होंने लाइसेंस निर्गमन से पूर्व सभी आवश्यक बिंदुओं की जांच चेकलिस्ट के माध्यम से करने तथा रूट एवं अन्य व्यवस्थाओं को पहले से स्पष्ट रखने का निर्देश दिया, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की भ्रम या असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।
बैठक के अंत में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि दुर्गा पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। पूजा पंडालों में सुरक्षा मानकों, विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी, बैरिकेडिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का पूर्व से सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। संवेदनशील क्षेत्रों एवं विसर्जन मार्गों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए मूर्ति स्थापना से लेकर विसर्जन तक लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी अप्रिय स्थिति अथवा सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया एवं प्रभावी समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्गा पूजा का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
