नालंदा और डोंगगुक के बीच प्राचीन बौद्ध ज्ञान सेतु का सुदृढ़ीकरण: ऐतिहासिक अकादमिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम….

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा, 23 जनवरी 2026: नालंदा विश्वविद्यालय में आज कोरिया गणराज्य के डोंगगुक विश्वविद्यालय के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का भव्य स्वागत किया गया। यह ऐतिहासिक अकादमिक एवं सांस्कृतिक आयोजन भारत और कोरिया के बीच बौद्ध परंपरा से जुड़ी प्राचीन विद्या-परंपरा को और अधिक सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
52 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वंदनीय डोंक्वान, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज, डोंगगुक विश्वविद्यालय फाउंडेशन तथा प्रो. जेवूंग युन, अध्यक्ष, डोंगगुक विश्वविद्यालय ने किया। यह भ्रमण अकादमिक संवाद, सांस्कृतिक विनिमय एवं भावी सहयोग पर केंद्रित रणनीतिक चर्चाओं का एक सुंदर संगम रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत थांगका चित्रकला एवं बौद्ध कलाकृतियों की प्रदर्शनी के उद्घाटन से हुई, जिसका उद्घाटन वंदनीय डोंक्वान द्वारा किया गया। इन कलाकृतियों का सृजन कोरियाई भिक्षु भिक्षु डोवुंग द्वारा किया गया है, जो इस अवसर पर स्वयं भी उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन एक जीवंत आध्यात्मिक अनुभव में परिवर्तित हो गया।
प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने नालंदा की समकालीन अकादमिक दृष्टि एवं वैश्विक संवाद में उसकी भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने विशेष रूप से बौद्ध तीर्थ अध्ययन, बौद्ध दर्शन, व्यापार व्यवहार में नैतिकता, सांस्कृतिक संरक्षण पर वैश्विक संवाद, सतत विकास लक्ष्य तथा समकालीन वैश्विक मुद्दों को भविष्य के प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत दो समानांतर सत्र आयोजित किए गए। एक ओर वरिष्ठ नेतृत्व, संकायाध्यक्षों एवं प्राध्यापकों के साथ रणनीतिक गोलमेज बैठक में संयुक्त अनुसंधान, संकाय एवं छात्र विनिमय, तथा दीर्घकालिक अकादमिक सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। वहीं दूसरी ओर सुषमा स्वराज सभागृह में बुद्धवचन पाठ, राजगीर के बौद्ध तीर्थ स्थलों पर प्रस्तुति तथा छात्र–प्रतिनिधिमंडल संवाद ने कार्यक्रम को जीवंत स्वरूप प्रदान किया।
नालंदा विश्वविद्यालय एवं डोंगगुक विश्वविद्यालय के मध्य पहले से विद्यमान समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर दोनों पक्षों ने संरचित संकाय एवं छात्र विनिमय कार्यक्रम, वार्षिक संकाय विनिमय, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाएँ, तथा भारत एवं कोरिया में बारी-बारी से आयोजित होने वाले वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की।
इस अवसर पर प्रो. जेवूंग युन ने औपचारिक रूप से नालंदा विश्वविद्यालय को 7 मई 2026 को कोरिया में आयोजित होने वाले डोंगगुक विश्वविद्यालय के 120वें स्थापना दिवस समारोह में आमंत्रित किया, जिसे प्रो. सचिन चतुर्वेदी द्वारा सहर्ष स्वीकार किया गया।
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों एवं नालंदा परिवार की सामूहिक उपस्थिति में स्मृति-चित्र ग्रहण के साथ हुआ, जहाँ शिक्षा, बौद्ध अध्ययन, संस्कृति, सतत विकास एवं अंतर्विषयक अनुसंधान के क्षेत्रों में सहयोग को सुदृढ़ बनाने का साझा संकल्प व्यक्त किया गया।
प्रतिनिधिमंडल के प्रस्थान के क्षणों में नालंदा परिसर में यह भाव गहराई से अनुभूत हुआ कि प्राचीन नालंदा की परंपरा—संवाद, ज्ञान एवं वैश्विक मैत्री—आज भी देशों, संस्कृतियों और मनुष्यों को जोड़ने का कार्य कर रही है।
