July 15, 2024

#nalanda: “सोशल मीडिया का प्रभाव” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन…. जानिए

 

 

 

 

 

“सोशल मीडिया का प्रभाव” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन….

 

 

 

 

 

 

ख़बरें टी वी : पिछले 14 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ..ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …
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आप का दिन मंगलमय हो….

 

 

 

 

 

ख़बरें टी वी : 9334598481 : नालंदा । महाबोधि महाविद्यालय (B.Ed. & D.El.Ed. ), नालंदा बिहार के सभागार में एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन प्रोजेक्ट पॉइंट उड़ीसा एवं सद्भावना मंच (भारत) के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ कॉलेज के सचिव डॉ. अरविन्द कुमार , प्राचार्य डॉ. दीपक शर्मा , डॉ. अंजनी कुमार सुमन , प्रो. मनोज कुमार सिंह , उत्कल विश्व विद्यालय उड़ीसा से पधारे डॉ. संग्राम केशरी,समाजसेवी दीपक कुमार एवं संजय भाई के द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। अतिथियों का स्वागत डॉ. अरविन्द कुमार एवं प्राचार्य डॉ. दीपक शर्मा द्वारा अंग वस्त्र तथा मोमेंटो देकर किया गया। प्राचार्य डॉ. दीपक शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में दैनिक जीवन में सोशल मीडिया के प्रभाव पर अपने वक्तव्य में कहा कि आज तकनीक ने इंसान को जितना आगे बढ़ाया है संस्कारों और स्वास्थ्य के मामले में उतना ही पीछे कर दिया है। अतः हमें तकनीक को अपने ऊपर हावी नहीं होने देना चाहिए। डॉ. अरविन्द ने अपने अनुभव साझा किये और बताया की आज इंटरनेट ने पलक झपकते ही हमें सूचना देने का कार्य किया है। लेकिन उसे अपनाने से पहले सत्यता की जाँच कर लेनी चाहिए। प्रोजेक्ट प्वाइंट उड़ीसा के निदेशक प्रो. संग्राम केसरी ने सोशल मीडिया के गूढ़ तथ्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने 14 सूत्रों से सामाजिक नेटवर्क के प्रभाव को विस्तार पूर्वक बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी कंटेंट को शेयर करने से पहले उसे पढ़ना जरूर चाहिए।मोबाइल देखने का हम सभी को एक निश्चित समय फिक्स करना चाहिए और अपने आप को दूर रखना चाहिए।
उन्होंने साइबर बुलिंग, कस्टमर इंटरेक्शन ,कम्युनिकेशन , इंप्रूव्ड ऑडियंस इंगेजमेंट , एडिक्शन,ब्रांड लोयलिटी, प्राइवेसी,डिप्रेशन ,आइसोलेशन ,नेगेटिव बॉडी इमेज आदि महत्वपूर्ण प्वाइंट पर विस्तार से जानकारी साझा किया ।वही सद्भावना मंच (भारत) के संस्थापक दीपक कुमार ने कहा की सोशल मीडिया के अच्छे और बुरे प्रभाव दोनों के प्रति हमें सजग रहना चाहिए।
और भ्रामक प्रचार प्रसार नही करना चाहिए ।हमेशा तथ्य और सत्य की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही उसे दूसरे व्यक्ति को फॉरवर्ड करना चाहिए।
साथ ही उन्होंने इशारा किया की आज का युवा मोबाइल के साथ अधिक से अधिक समय खर्च कर रहा है जिसके कारण बुरा प्रभाव बढ़ रहा है ।उन्होंने इसके प्रति सजग और सचेत किया ।
कार्यक्रम में ओडिसा से दस सामाजिक कार्यकर्ता और विश्वविद्यालय के छात्र भी आये थे। जिन्होंने अपने अपने सम्बोधन दिए। महाविद्यालय के प्रशिक्षु छात्रों ने भी बारी बारी से अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. अंजनी कुमार सुमन ने विषय संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी ।
तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कुमार सुरेंद्र प्रताप ने किया। प्रो. अमित कुमार, प्रो. सूर्य प्रकाश रावत, प्रो. अमरजीत कुमार , प्रो. सुग्रीब कुमार,हेमलता , प्रो. धीरेन्द्र कुमार , प्रो रवि आनंद, पुष्पा कुमारी के साथ अनेक प्रशिक्षु इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

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