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#bihar: नालंदा सांसद ने अपने सत्र में बुलंद किया आवाज खासकर, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पत्रकारों, बुजुर्गों के लिए किराया कम करने पर…

Bykhabretv-raj

Mar 16, 2026

 

 

 

 

नालंदा सांसद ने अपने सत्र में बुलंद किया आवाज खासकर, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पत्रकारों, बुजुर्गों के लिए किराया कम करने पर…

 

 

 

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#ख़बरें TV:  नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने अब तक के सबसे बड़े रेल बजट के लिए रेल मंत्री को दी बधाई, ट्रेनों की संख्या बढ़ाने पत्रकारों, बुजुर्गों के लिए किराया कम करने एवं रेलवे संबंधी अन्य समस्याओं के निष्पादन के लिए एक कमेटी बनाने का भी किया अनुरोध* सभापति महोदय, मा.वित्त मंत्री जी द्वारा 1 फरवरी, 2026 को आम बजट के साथ-साथ रेलवे के व्यय के लिए भी प्रस्ताव में करीब तीन लाख 2 हजार करोड़ रू.का प्रावधान किया था, जो वर्ष 2025-26 के बजट से करीब 8.4 प्रतिशत अधिक है। यह रेलवे के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजटीय प्रावधान मा.प्रधानमंत्री जी और मा.वित्त मंत्री जी के द्वारा किया गया है। मैं इसकी सराहना करता हूँ।

सभापति महोदय, रेलवे भारत की लाइफ-लाइन हुआ करती थी, लेकिन कोरोनाकाल में बंदी के कारण इसकी महत्ता कम हो गई। यात्री किराए में काफी बढ़ोत्तरी हो गया। गाड़ियों की संख्या कम होती चली गई। किन्तु अब मा.रेलमंत्री जी इस पर ध्यान दिए हैं और गाड़ियों को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। एक महत्वपूर्ण रेलवे की योजना, जिसमें सीनियर सिटीजन, पत्रकारों, विकलांगों, 55 साल से अधिक उम्र की महिलाओं एवं अन्य लोगों को यात्री किराए में छूट का प्रावधान था, उसे कोरोनाकाल के बाद खत्म कर दिया गया है। इसे पुनः बहाल करने की माँग करता हूँ। देश में इसकी माँग है कि रियायतें दिया जाए। यह काफी महत्वपूर्ण विषय है।

सभापति महोदय, डेडिकेटेड फ्रेट काॅरीडोर करीब 20 वर्ष पहले शुरू हुआ था, वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसके पूर्ण होने से दोनों फ्रेट काॅरीडोर से रेलवे को अधिक राजस्व की प्राप्ति तो होगी ही, गाड़ियों का संचालन भी तीव्र होगा और यात्रियों को समय से यात्रा पूरी करने का अवसर मिलेगा। इसी क्रम में मैं फतुहा-इसलामपुर-नटेसर रेल खंड का दोहरीकरण की माँग करता हूँ। इस रेल खंड पर माल ढुलाई काफी अधिक हो रहा है। इससे रेलवे को काफी फायदा होगा।

सभापति महोदय, कोरोनाकाल के बाद रेल गाड़ियों में 3 टियर स्लीपर क्लास की बोगियों की संख्या आधी कर दी गई है। इसके कारण आम लोगों के ऊपर अधिक भार पड़ रहा है, जिस पर सरकार पुनः विचार करे और 3 टियर स्लीपर बोगियों की संख्या को बढ़ाने का काम करे।

सभापति महोदय, वर्ष 2026-27 के बजट में रेलवे को बिहार राज्य में विकास के लिए करीब 10 हजार 379 करोड़ रू.आबंटन का प्रस्ताव है। 14 वंदे भारत और 21 अमृत भारत ट्रेनों के संचालन का प्रस्ताव है। वाराणसी-पटना-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन काॅरीडोर का प्रस्ताव है। गया जंक्शन सहित पूर्व मध्य रेलवे के 15 स्टेशनों के पुनर्विकास का प्रस्ताव है। इस प्रकार कुल मिलाकर बिहार राज्य में 98 स्टेशनों को विश्व-स्तरीय सुविधाओं के साथ पुनर्विकास होगा। बिहार में करीब 100 प्रति विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। बिहार में करीब एक लाख नौ हजार एक सौ अठ्ठावन करोड़ रू. की लागत से रेलवे की आधारभूत परियोजनाओं पर काम चल रहा है। बिहार राज्य में अब तक 568 रेल ओवर ब्रिज और अंडरपास बनाए जा चुके हैं। इससे रेलवे का चहुमुंखी विकास बिहार में हो रहा है। मैं इसके लिए मा.रेलमंत्री जी, मा.वित्तमंत्री जी और मा.प्रधानमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूँ कि बिहार के लिए वे कितना अधिक सोचते हैं। उन्होंने बिहार को भी देश के आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने का काम किए हैं। इससे बिहार के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

वर्ष 2026-27 के बजटीय प्रावधानों से देश में रेलवे को तेजी से विकास की राह पर ले जाने में सहायता मिलेगा। शहरों के बीच कनेक्टीविटी बढ़ेगी और आम नागरिकों की जिन्दगी बेहतर होगी। जम्मू-कश्मीर में चिनाव नदी पर बना दुनियां का सबसे ऊँचा रेलवे पुल लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यह अनोखा कारनामा देखते ही बनता है, जो कि सरकार की उपलब्धि को दर्शाता है। देश जल्द ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत के मा.प्रधानमंत्री जी के संकल्प को पूरा करने में सफल हो, मैं अनुदान मांगों का समर्थन करने के साथ ही अपने संसदीय क्षेत्र नालंदा के लिए कुछ मांगें मा.रेलमंत्री जी संज्ञान में लाकर उसे पूरा कराने की माँग करता हूँ:

अध्यक्ष महोदय, मैं अपने संसदीय क्षेत्र, नालंदा में फतुहा से इसलामपुर-नटेसर रेल खण्ड के दोहरीकरण की माँग करता हूँ, जिस पर माल ढुलाई के कारण यात्री गाड़ियाँ बाधित होती हैं। इसके अतिरिक्त हमारी कुछ और मुख्य माँग हैं:

* राजगीर-दनियावां-फतुहा रेल खंड पर चलने वाली गाड़ी रामपुर-बमपुर हाल्ट पर तो रूकती है, परन्तु वहाँ पर टिकट नहीं कटता हैं, जिसके कारण यात्रियों में टिकट चेकिंग का डर और भय बना रहता है। अतः हाल्ट के निर्माण के साथ ही टिकट काटने की भी व्यवस्था किया जाए।
* ओंदा में रेलवे हाल्ट का निर्माण किया जाए।
* दनियावाँ-बिहार शरीफ रेल खंड पर कुकहरिया गाँव के पास पोल संख्या-11/27-29 पर आवागमन की सुविधा के लिए आरओबी/आरयूबी का निर्माण प्राथमिकता पर कराया जाए।
* नवनिर्मित रेल खंड बिहार शरीफ वाया अस्थावाँ व शेखपुरा के मध्य तिउरी गाँव में रेलवे हाल्ट का निर्माण कराया जाए।
* दानापुर मंडल स्थित ग्राम पंचायत-आमावाँ में आमावाँ रेलवे हाॅल्ट का निर्माण कराया जाए, जिसके लिए रेलवे प्रशासन द्वारा पहले ही भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
* बिहार शरीफ और नूरसराय के मध्य कैड़ी गाँव में रेलवे हाल्ट का निर्माण कराया जाए।
* राजगीर और बिहार शरीफ रेलवे स्टेशन में कोच डिस्प्ले बोर्ड और यहाँ पर नेशनल इंक्वायरी सिस्टम को लागू किया जाए।
* बख्तियारपुर, राजगीर, तिलैया रेलवे लाईन, अभी सिंगल है, उसको डबल किया जाये। इस रूट पर 40-45 माल गाड़ियाँ कोयला लेकर एनटीपीसी बाढ़ और अन्य जगहों के लिए जाती हैं।
* हमारे क्षेत्र के जितने भी रेलवे स्टेशन हैं, वहाँ पर यात्री सुविधा का घोर अभाव है। प्रोपर स्ट्रीट लाईट, प्लेटफार्म पर बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई के साथ-साथ पीने के पानी की व्यवस्था किया जाए।
* बिहार शरीफ और राजगीर के बीच नालंदा रेलवे स्टेशन है, जहाँ विश्व-धरोहर, नालंदा विश्वविद्यालय खण्डहर है। यहाँ देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। इसलिए नालंदा रेलवे स्टेशन को उच्च स्तरीय रेलवे स्टेशन बनाने की नितान्त आवश्यकता है।
* हमारे संसदीय क्षेत्र नालंदा में जितने भी लो लेवल रेलवे प्लेटफार्म हैं, उसको ऊँचा किया जाये। इन प्लेटफार्माें पर महिलाओं और बुजुर्गों को चढ़ने में काफी परेशानी होती है, जिससे दुर्घटना होती रहती है।
* इसलामपुर में अभी सिर्फ एक वाशिंग-पिट की व्यवस्था है, जिसे बढ़ाया जाये, जिससे कि पटना की गाड़ियों को इस्लामपुर तक एक्सटेंड किया जा सके।
* अभी फतुहा रेलवे यार्ड पर काफी लोड है। हिलसा रेलवे स्टेशन पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है, अतः यहाँ पर यार्ड का निर्माण कर लोड को कम किया जा सकता है। साथ ही रेल ओवर ब्रिज का निर्माण कराया जाये, क्योंकि कोर्ट-कचहरी आने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
* पटना-एर्नाकुलम यात्री गाड़ी को इस्लामपुर तक विस्तारित किया जाये।
* बक्सर-फतुहा सटल को इस्लामपुर-नटेसर-गया के लिए चलाया जाये, क्योंकि यह ट्रेन फतुहा आने के बाद 6 घंटे खड़ी रहती है, जिससे लाईन और ट्रैक भी अवरुद्ध रहता है।
* गाड़ी संख्या-53043/44 राजगीर-हावड़ा-राजगीर सुपरफास्ट को फिर से चालू किया जाये, जिसे कोरोना के कारण बंद कर दिया गया था।
* राजगीर-बिहार शरीफ रेल खंड पर बंगलौर, माता वैष्णव देवी कटरा एवं हैदराबाद के लिए ट्रेन दी जाये।
* नवादा-पटना-नवादा चलने वाली मेमू गाड़ी संख्या-63389/63390 का ठहराव सभी हाल्टों पर किया जाए।
* नालंदा से चलने वाली गाड़ी संख्या-03250/03249 पलामू एक्सप्रेस का ठहराव रहुई हाल्ट पर किया जाए।
* नालंदा में निर्मित अधिकांश रेलवे अंडरपासों से बसों, बड़े वाहनों और किसानों के कृषि-यंत्र, हारवेस्टर आदि नहीं जा पा रहे हैं। उसमें बरसात के दिनों में पानी भरा रहता है। ऐसी परिस्थिति में इसके स्थान पर वहाँ रेलवे ओवर-ब्रिज अथवा रेलवे फाटक का निर्माण अतिशीघ्र कराया जाए।

महोदय, मेरी मांग है कि एक जाँच कमेटी बनाई जाए और मेरे क्षेत्र में जहाँ-जहाँ जो कमियाँ हैं, उसे ठीक कराया जाए।