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#bihar: नालंदा विश्वविद्यालय में बिहार केंद्रित कथक नृत्य की प्रस्तुति…

Bykhabretv-raj

Jan 28, 2026

 

 

 

 

 

 

 

नालंदा विश्वविद्यालय में बिहार केंद्रित कथक नृत्य की प्रस्तुति…

 

 

 

 

 

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राजगीर, नालंदा, बिहार (28 जनवरी 2026): नालंदा विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित सुषमा स्वराज सभागार में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा और बिहार की प्राचीन सभ्यतागत चेतना का एक मनोरम संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना श्रीमती स्वाति सिन्हा तथा उनके कुशल नृत्य समूह ने अपनी मंत्रमुग्धकारी बिहार केंद्रित कत्थक नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक गौरव और भावनात्मक गहराई से परिचय कराया।

यह कार्यक्रम भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर), पटना क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से आयोजित हुआ, जिसमें आईसीसीआर की क्षेत्रीय निदेशक (बिहार एवं झारखंड) सुश्री स्वधा रिज़वी ने कुशल समन्वय प्रदान किया।

कथक की शास्त्रीय भाषा में रचित इस नृत्य-नाट्य प्रस्तुति ने बिहार की सभ्यतागत यात्रा को अत्यंत भावपूर्ण और प्रतीकात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। गंगा, सोन और गंडक जैसी पवित्र नदियों के प्रवाह को मुद्राओं और लय के माध्यम से जीवंत किया गया, तो नालंदा और विक्रमशिला जैसे प्राचीन विश्व-विद्या केंद्रों की स्मृति को भाव-भंगिमाओं में उकेरा गया। प्रस्तुति में प्रवास, संघर्ष, बौद्ध-जैन दर्शन की आलोकित विरासत, मगध साम्राज्य की शक्ति, तथा स्वतंत्रता संग्राम में बिहार के योगदान को एक सशक्त सांस्कृतिक कथा के रूप में पिरोया गया- जिसने अतीत, वर्तमान और भविष्य को एक सूत्र में बाँध दिया।

स्वाति सिन्हा की गहन अभिव्यक्ति, ताल-लय का सटीक संयोजन, सूक्ष्म मुद्राओं की भाषा और समूह की एकजुट ऊर्जा ने सभागार को बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट और भावुकता से भर दिया। स्वाति सिन्हा, जो मूलतः पटना से हैं और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत हैं, प्रसिद्ध कथक गुरु पं. राजेंद्र गंगानी की शिष्या रही हैं। दूरदर्शन की ‘ए’ ग्रेड कलाकार के रूप में वे देश-विदेश में अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करती रही हैं।

नालंदा विश्वविद्यालय के बहु-सांस्कृतिक और अंतरराष्ट्रीय छात्र समुदाय की उपस्थिति में आयोजित यह प्रस्तुति विश्वविद्यालय की उस मूल भावना को प्रतिबिंबित करती है, जहाँ प्राचीन विरासत समकालीन विमर्श से संवाद करती है।