नालंदा विश्वविद्यालय पहुँचे सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनमोहन…

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा | शनिवार, 12 सितंबर 2026: भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय न्यायमूर्ति मनमोहन ने आज अपनी धर्मपत्नी के साथ नालंदा विश्वविद्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, शीर्ष अधिकारियों और शोधकर्ताओं से संवाद किया।
विश्वविद्यालय आगमन पर कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने न्यायमूर्ति मनमोहन का स्वागत किया और उन्हें विश्वविद्यालय के शिक्षकों तथा विश्वविद्यालय समुदाय से परिचित कराया। संवाद के दौरान कुलपति ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों के साथ-साथ सहभागिता कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। इसके तहत विश्वविद्यालय आसपास के समुदायों और विद्यालयों के साथ मिलकर सतत विकास के लिए कार्य कर रहा है।
इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय के नेट-ज़ीरो परिसर और सतत विकास पहलों पर प्रस्तुति दी गई। कुलपति ने बताया कि बिहार सरकार के सहयोग से आसपास के गांवों में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर एक रिपोर्ट तैयार की गई है। न्यायमूर्ति मनमोहन को विश्वविद्यालय की पहल शास्त्रार्थ की जानकारी देते हुए इसकी एक प्रति भी भेंट की गई।
विश्वविद्यालय की पहलों की सराहना करते हुए न्यायमूर्ति मनमोहन ने कहा कि देशभर के संस्थानों को नालंदा में किए जा रहे कार्यों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सतत विकास और नेट-ज़ीरो परिसर की दिशा में नालंदा विश्वविद्यालय अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक उदाहरण बन रहा है।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने नालंदा विश्वविद्यालय के नेट-ज़ीरो प्रयासों की सराहना करते हुए इसे शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक अभिनव पहल बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय को बधाई देते हुए कहा कि यहां लोग एक उद्देश्य और समाज के लिए कुछ करने की भावना के साथ आए हैं तथा ऐसी सोच को प्रोत्साहित और सराहा जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति मनमोहन ने विश्वविद्यालय के समाज से जुड़े प्रयासों और अपने विचारों को जमीनी स्तर पर लागू करने की पहल की सराहना की। उन्होंने परिसर के सुंदर और स्वस्थ वातावरण की भी प्रशंसा की और कहा कि यह उनकी पहली यात्रा है, लेकिन वे जल्द फिर यहां आना चाहेंगे।
इसके बाद न्यायमूर्ति मनमोहन और उनकी पत्नी ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया और इसकी सतत आधारभूत संरचना तथा शैक्षणिक एवं सामुदायिक पहलों का अवलोकन किया।
