“द वाइल्ड कॉल” को 16वें दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 में सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म का पुरस्कार…
बिहार की चमक राष्ट्रीय मंच परः ‘द वाइल्ड कॉल को 16वें दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 में सम्मान…
कहानी, तकनीक और संदेश का संगम “द वाइल्ड कॉल” बनी 16वें दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 की विजेता..
‘द वाइल्ड कॉल’ ने जीता दिल और अवॉर्डः 16वें दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल 2026 में सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म…

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#ख़बरें Tv: राजगीर जू सफारी द्वारा निर्मित 12 मिनट की अत्याधुनिक 180° इमर्सिव एनिमेटेड वन्यजीव फिल्म ‘द वाइल्ड कॉल ने 30 अप्रैल 2026 को आयोजित दादासाहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल के 16वें संस्करण में ‘सर्वश्रेष्ठ एनिमेशन फिल्म का प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर एक नई मिसाल स्थापित की है। यह सम्मान भारतीय सिनेमा के जनक दादासाहेब फाल्के की विरासत को समर्पित देश के अग्रणी स्वतंत्र फिल्म समारोहों में प्रदान किया जाता है, जो इस उपलब्धि की महत्ता को और भी बढ़ाता है।
इस फिल्म का निर्माण राजगीर जू सफारी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग बिहार के द्वारा किया गया हैं एवं इस फिल्म का निर्देशन बिहार नवीनध एस. फरीद और अजहरूद्दीन सुलैमान ने किया है, जिन्होंने तकनीकी नवाचार और रचनात्मक दृष्टि का उत्कृष्ट समन्वय प्रस्तुत किया है। परियोजना को गोपाल सिंह, आईएफएस, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक, पटना तथा रामसुंदर एम, आईएफएस, निदेशक, राजगीर जू सफारी का सशक्त मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। फिल्म को उच्च्च गुणवत्ता वाले एनिमेशन के द्वारा तैयार किया गया है. जबकि भावनात्मक रूप से समृद्ध संगीत घिब्रान वैबोधा ने कंपोज किया है, जो दर्शकों के अनुभव को और भी प्रभावशाली बनाता है।
‘द वाइल्ड कॉल केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक दृश्यात्मक और भावनात्मक यात्रा है, जहाँ शेर और बाघ के शावकों की रोमांचक कहानी के माध्यम से भारत के अद्भुत जैव-विविधता क्षेत्रों, भारतीय महासागर, पश्चिमी घाट, हिमालय और थार मरुस्थल को जीवंत और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। यह फिल्म दर्शकों को 23 प्रमुख वन्यजीव प्रजातियों, जैसे भारतीय हाथी और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, से परिचित कराते हुए प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जुड़ाव को गहराई से स्थापित करती है। साथ ही, यह संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आवासों की रक्षा और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषयों पर सशक्त और प्रेरक संदेश देती है।
यह गौरवपूर्ण उपलब्धि राजगीर जू सफारी के लिए न केवल एक सम्मान है, बल्कि बिहार की पारिस्थितिक पर्यटन, पर्यावरण शिक्षा और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में उसके निरंतर नवाचार और उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता का प्रतीक भी है। यह फिल्म दर्शाती है कि कैसे रचनात्मक माध्यमों के जरिए जन-जागरूकता को प्रभावी ढंग से बढाया जा सकता है।
इस अवसर पर, राजगीर जू सफारी के निदेशक श्री रामसुंदर एम ने कहा,
“द वाइल्ड कॉल’ की यह उपलब्धि हमारे लिए अत्यंत गर्व और प्रेरणा का क्षण है। हमने इस फिल्म को वैश्विक स्तर की तकनीकी उत्कृष्टता और उच्च रचनात्मक मानकों के साथ तैयार किया, ताकि यह न केवल मनोरंजन करे बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश भी दे। विभिन्न प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में इसकी सराहना हमारे प्रयासों की सार्थकता को दर्शाती है।”
यह उपलब्धि बिहार के लिए भी गौरव का विषय है, जो राज्य को नवाचार, सृजनात्मकता और पर्यावरणीय नेतृत्व के क्षेत्र में एक नई पहचान प्रदान करती है।
