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#bihar: नालंदा कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत धरणा, नए प्रस्तावित कानून को बताया मजदूरों पर सीधा हमला

Bykhabretv-raj

Feb 10, 2026

 

 

 

 

नालंदा कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत धरणा, नए प्रस्तावित कानून को बताया मजदूरों पर सीधा हमला:- नरेश प्रसाद अकेला

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: नालंदा जिला कांग्रेस के द्वारा केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित मनरेगा कानून में बदलाव के विरोध , समहरनालय अस्पताल चौक बिहार शरीफ के समक्ष मनरेगा बचाओ कार्यक्रम के तहत जोरदार धरणा प्रदर्शन किया । जिला अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ,प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने की मांग की । धरणा को संबोधित करते हुए नालंदा जिला कांग्रेस के अध्यक्ष नरेश प्रसाद अकेला ने प्रखंड अध्यक्षों एवं कार्यकर्ताओं को आवाहन करते हुए कहा कि जिले में गरीबों की हक की लड़ाई के लिए अपने अपने प्रखंडों में इसके खिलाफ लड़ाई लड़े और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ,मनरेगा देश के गरीबों और मजदूरों की जीवन रेखा है यह योजना सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं बल्कि करोड़ों ग्रामीण गरीब परिवारों कोu सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ जीवन जीने का अवसर देती है उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित नए कानून में कई ऐसी खामियां है जो सीधे तौर पर मजदूरों के हितों के खिलाफ है और मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम हटाने की भी आलोचना करते हुए कहा कि यह देश की भावना और परम्परा की विपरीत कदम है ,उन्होंने कहा कि मनरेगा का पहचान महात्मा गांधी के विचारों और ग्रामीण स्वालंबन की अवधारणा से जुड़ी है ,ऐसे में नाम हटाने की कोशिश अस्वीकार्य है । नए प्रावधानों के तहत आर्थिक हिस्सेदारी का बोझ बढ़ाकर 40% तक किए जाने की बात सामने आ रही है उनका कहना था कि इससे आर्थिक रूप से कमजोर राज्य समय पर अपने हिस्सेदारी की राशि उपलब्ध नहीं करा पाएंगे । जिसका सीधा असर मजदूरों की रोजगार और भुगतान पर पड़ेगा । इन्होंने आशंका जताई कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में काम की उपलब्धता घट सकती है और गरीब मजदूरों को समय पर मजदूरी नहीं मिल पाएगी । श्री अकेला ने राष्ट्रपति महोदया से मांग की मनरेगा की मूल भावना और संरचना को बरकरार रखा जाए , मजदूर विरोधी माने जा रहे प्रस्तावित बदलावों को तुरंत वापस लिया जाए तथा योजना को और अधिक सशक्त बनाया जाए । इस धरणा में जमील असरफ जमाली , गवसिद्ध चिकित्सक डॉ संजय पटेल , अनुज कुमार , मो अस्कर भारती , हैदर आलम,रमेश पासवान,किरानी पासवान , प्रो फरहद जबीं, रामकेशवर प्रसाद ,निपेंद्र कुमार सिंह , अनिल कुमार चंद्रवंशी ,धनंजय पटेल , दिलीप कुमार सिन्हा,मो इम्तियाज आलम अधिवक्ता , रणधीर रंजन मंटू ,भगवान प्रसाद अलबेला, सुरेंद्र सिंह, किरानी पासवान,संजू पाण्डेय , सुलेखा देवी , रिंकू देवी , सुनीता देवी , रानी देवी , बच्चन सिंह चंद्रवंशी, कृष्णा प्रसाद , शाहनवाज हुसैन, अनुज कुमार , कैलाश प्रसाद , सत्येंद्र प्रसाद , राम नरेश शर्मा , डॉ अवधेश,अनीता देवी , विद्यानंद कुमार , नीतू कुमारी एवं अन्य कार्यकर्तागण बड़ी संख्याओं में मौजूद थे । सभी ने गरीब मजदूर और शोषित वर्ग के अधिकारों के लिए किसी भी हद तक संघर्ष करने को तैयार है । सबों ने शहर से लेकर गांव तक कार्यकर्ताओं को एक जुट कर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया ।