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#bihar: नालंदा विश्वविद्यालय के “कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी” पर उच्च स्तरीय राउंडटेबल का आयोजन…

Bykhabretv-raj

Aug 27, 2026

नालंदा विश्वविद्यालय के “कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी” पर उच्च स्तरीय राउंडटेबल का आयोजन; गेट्स फाउंडेशन के साथ एमओयू..

 

 

 

 

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#ख़बरें Tv: राजगीर, नालंदा/ नई दिल्ली | बृहस्पतिवार, 27 अगस्त 2026: नालंदा विश्वविद्यालय ने बुधवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर में कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी पर एक उच्च-स्तरीय राउंडटेबल का आयोजन किया। केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और पीएमओ) ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। इस राउंडटेबल में राजनयिकों, वरिष्ठ पालिसी मेकर्स, मल्टी-लैटरल लीडर्स और फिलांथ्रोपिक पार्टनर्स ने स्टेट कैपेसिटी और दक्षिण-दक्षिण सहयोग (साउथ-साउथ कोऑपरेशन) पर विस्तृत चर्चा की।

इस राउंडटेबल में इस बात पर विचार-विमर्श किया गया कि कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी किस प्रकार भारत और एशिया की शासन व्यवस्था तथा लोक सेवा की समृद्ध परंपराओं को आज के समय की पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, इंस्टीटूशनल रिफार्म और डेवलपमेंट प्रैक्टिस से जोड़ सकता है। चर्चा के दौरान ग्लोबल साउथ के देशों के बीच एक-दूसरे से सीखने और शासन व कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए स्थानीय रूप से प्रासंगिक दृष्टिकोण विकसित करने के महत्व पर बल दिया गया।

नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने अंतरराष्ट्रीय विद्वता, बौद्धिक आदान-प्रदान और लोक सेवा की नालंदा की ऐतिहासिक परंपरा के तहत सेंटर की स्थापना के पीछे का विजन प्रस्तुत किया। उन्होंने ज्ञान के आदान-प्रदान, अनुसंधान और इंस्टीटूशनल जुड़ाव के माध्यम से वर्तमान की शासन और विकास संबंधी चुनौतियों का समाधान करने की इस सेंटर की क्षमता पर जोर दिया।

राउंडटेबल को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि तेजी से हो रहे तकनीकी और सामाजिक परिवर्तनों के बीच भारत को वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक बनाए रखने के लिए कौशल के साथ-साथ मानसिक क्षमता का निर्माण भी आवश्यक है, जिसके लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति, अनुकूलनशीलता और नवाचार बेहद जरूरी हैं। उन्होंने स्टेट कैपेसिटी को एक सामूहिक और पूरे समाज को जोड़ने वाले दृष्टिकोण के रूप में विकसित करने का आह्वान किया, ताकि विभिन्न संस्थान संगठनात्मक सीमाओं से परे जाकर वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रभावी नीतियां लागू कर सकें।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि क्षमता निर्माण में लगे विभिन्न संस्थानों को एक बड़े ईकोसिस्टम से जोड़ा जा सकता है। उन्होंने भारत के ऐतिहासिक व पारंपरिक ज्ञान को समकालीन स्टेट कैपेसिटी से जोड़ने की कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी की क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह दृष्टिकोण पूरे ग्लोबल साउथ में स्टेट कैपेसिटी के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान कर सकता है।

चर्चा के दौरान दक्षिण-दक्षिण सहयोग, परस्पर सीखने, संस्थागत क्षमता निर्माण, जिम्मेदार नवाचार और विकास के लिए स्थानीय स्तर पर आधारित दृष्टिकोणों के महत्व पर बल दिया गया। प्रतिभागियों ने संयुक्त राष्ट्र और समग्र यूएन प्रणाली के संस्थानों के साथ जुड़ाव के संभावित रास्तों की भी पहचान की, जिनमें विषयगत संवाद और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को समर्पित मंच शामिल हैं।

इस राउंडटेबल में कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें श्री हेमांग जानी (वरिष्ठ सलाहकार, विश्व बैंक समूह), श्री मार्क सुज़मैन (सीईओ, गेट्स फाउंडेशन), डॉ. श्री मुल्यानी इंद्रावती (इंडोनेशिया की पूर्व वित्त मंत्री), श्री स्टीफन प्रीस्नर (भारत में संयुक्त राष्ट्र के आवासीय समन्वयक), महामहिम सुश्री महिशिनी कोलोंने (भारत में श्रीलंका की राजदूत), पुआन सिती कमरिया अहमद सुबकी (ट्रस्टी और प्रबंध निदेशक, ययासन हसनाह, मलेशिया), श्रीमती दीपाली खन्ना (वरिष्ठ उपाध्यक्ष और एशिया प्रमुख, रॉकफेलर फाउंडेशन), श्री दीपक बागला (मिशन निदेशक, अटल इनोवेशन मिशन) और श्री जगजीत सरीन (क्षेत्रीय निदेशक, एशिया-पैसिफिक, डेलबर्ग एडवाइजर्स) सहित अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

नालंदा विश्वविद्यालय और गेट्स फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर
इस आयोजन की पृष्ठभूमि में, नालंदा विश्वविद्यालय और गेट्स फाउंडेशन के बीच कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी के माध्यम से संचालित होने वाले शैक्षणिक सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर और उसका आदान-प्रदान किया गया।

एमओयू पर हस्ताक्षर डॉ. जितेंद्र सिंह (केंद्रीय राज्य मंत्री- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, तथा राज्य मंत्री – प्रधानमंत्री कार्यालय), श्री रुद्रेंद्र टंडन (सचिव-ईस्ट, विदेश मंत्रालय) और अन्य गणमान्य प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ।

एमओयू के आदान-प्रदान के दौरान नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी और गेट्स फाउंडेशन के सीईओ श्री मार्क सुज़मैन ने दोनों संस्थाओं का प्रतिनिधित्व किया। उनके साथ दोनों संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

यह साझेदारी कौटिल्य ग्लोबल सेंटर फॉर स्टेट कैपेसिटी के माध्यम से अकादमिक, सरकारी व विभिन्न हितधारकों को एक मंच पर लाएगी, ताकि ग्लोबल साउथ के समृद्ध अनुभवों और प्रैक्टिकल नॉलेज के आदान-प्रदान से भारत एवं अन्य विकासशील देशों के लिए सस्टेनेबल, लोकल और संदर्भ-अनुकूल समाधान विकसित किए जा सकें।