नाम बड़े व अनुशासन छोटे, बिहार की राजधानी पटना के संत माइकल हाई स्कूल में अनुशासनहीनता पर लगाने होंगे लगाम….

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पहले समझ लेते हैं कि इस स्कूल के छात्रों के द्वारा किस तरह से पूर्व में घटना को अंजाम दिया गया था…. अभी भी कई छात्र सहमे में हुए पढ़ाई कर रहे हैं… शिक्षा के साथ अनुशासन है जरूरी….
#ख़बरें Tv: बिहार की राजधानी पटना के दीघा स्थित संत माइकल हाईस्कूल स्कूल के गेट से पूर्व के दिनों में एक छात्र को अगवा कर बदमाशों ने उसकी पिटाई की। घटना दोपहर 12.30 बजे की है। 11वीं में पढ़ने वाले छात्र को काले रंग की स्कोर्पियों में जबरन बैठाकर कुछ लोग गंगा किनारे ले गए और उसकी पिटाई की। फिर स्कूल के पास ही लाकर छोड़ दिया। छात्र के अपहरण की सूचना पर पुलिस तुरंत हरकत में आई और दीघा, मरीन ड्राइव, अटल पथ और एलसीटी घाट की ओर से घेराबंदी की गई। छात्र को अटल पथ के पास से पुलिस ने बरामद किया। पुलिस के मुताबिक छानबीन में पता चला कि संत माइकल हाईस्कूल के ही 10वीं में पढ़ने वाले एक छात्र (नाबालिक ) से कुछ दिन पहले हुए।

विवाद के कारण उसके दोस्तों ने जबरन अगवा कर पिटाई की है। इस मामले में पीड़ित छात्र की ओर से दीघा थाने में शिकायत दर्ज की गई है। पुलिस ने उस स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल घटना में किया गया। 11वीं में पढ़ने वाला एक छात्र प्रमाण पत्र लेने संत माइकल स्कूल पहुंचा था। उसी स्कूल के एक छात्र से उसका पहले से ही विवाद चल रहा था। शिक्षा के साथ-साथ समाज में रहने योग व्यक्ति का निर्माण करना भी विद्यालयों का काम है… क्या पूर्व की गतिविधि एवं वर्तमान में चल रही विद्यालय के अंदर अनैतिक गतिविधियों पर स्कूल के प्रधानाचार्य इस पर कड़ाई से पहल कर पाएंगे ? ….
वही इस मामले में पीड़ित छात्रा क्या कहता है… किस तरह से हुई थी उसके साथ इस तरह का खेल….
पीड़ित छात्र ने पुलिस को बताया है कि घटना में करीब 10 लोग शामिल थे, जिनमें अधिकतर संत माइकल स्कूल से जुड़े छात्र हैं। सभी ने गंगा किनारे ले जाकर पिटाई की। इधर पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। करीब एक महीने पूर्व स्कूल के पास दोनों गुटों के बीच मारपीट हुई थी। इसके बाद स्कूल प्रशासन ने दोनों पक्षों के छात्रों को एक-एक महीने के लिए निलंबित कर दिया था। परंतु यह स्कूल प्रशासन को यह सदैव नजर बनाकर रखना चाहिए कि आखिर कैंपस में किस तरह की एक्टिविटी हो रही है और उसे पर किस तरह से लगाम लगाया जाए….
पुलिस के तरफ से त्वरित हुई थी कार्रवाई इस मामले पर विधि व्यवस्था के पुलिस उपाधीक्षक ने कहा….
वही इस मामले पर कृष्ण मुरारी प्रसाद, डीएसपी विधि व्यवस्था-2…ने कहा कि छात्र को सकुशल बरामद कर लिया गया था। घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो भी जब्त की गई थी। सीसीटीवी फुटेज की भी छानबीन की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कि स्कूल के छात्रों के दो गुटों के बीच लंबे समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी दोनों पक्षों में मारपीट की घटना हो चुकी है।
अक्सर होते रहते हैं स्कूल के अंदर लफड़े…..
छात्र के अभिभावकों की मानो तो आए दिन स्कूल परिसर के अंदर एक छात्रा से दूसरे छात्र के बीच मतभेद, ईर्ष्या व झगड़े होते रहते हैं, हमेशा शिकायतें भी जाती है, चाहे वह बच्चे करें या फिर अभिभावक परंतु स्कूल प्रशासन की ओर से काफी अव्यवस्थित ढंग से कार्य कर के रह जाते हैं जिसके वजह से छात्रों में मनमानी करने का उत्साह बढ़ जाता है तो वही कंप्लेनर मायूस होकर रह जाते हैं, कई छात्र के मनोबल तो इतने बड़े हुए हैं की कंप्लेंट करने पर धमकी भी दी जाती है …. आखिर इतना बड़ा संस्थान और विद्यार्थियों के रखरखाव में इतने ढील क्यों?
स्कूल के अभिभावकों के द्वारा हमें फोन पर मिली थी शिकायत….
इस स्कूल में जिस तरह से शैक्षणिक कार्य के साथ-साथ जिस तरह से अनुशासनहीनता की शिकायत की गई और पूर्व में जिस तरह की घटनाएं देखने को मिली उसके आधार पर स्कूल प्रबंधन के लोगों को इस पर मुख्य रूप से ध्यान देना होगा ताकि संस्थान के नाम को शिक्षा के नाम से जोड़कर देखा जाना चाहिए… कुछ बुद्धिजीवी अभिभावकों से भी यह अनुरोध है कि समय-समय पर स्कूल प्रशासन के सुप्रीमो से मिलकर अपनी समस्या को उनके समक्ष रखें एवं अगर परामर्श अच्छा हो तो वह भी दे…..
