कान्हा शांति वनम् में ‘द हार्ट ऑफ ए जैन’ अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव में नालंदा विश्वविद्यालय की सहभागिता….

ख़बरें टी वी : पिछले 16 वर्षो से ख़बर में सर्वश्रेष्ठ.. ख़बरें टी वी ” आप सब की आवाज ” …आप या आपके आसपास की खबरों के लिए हमारे इस नंबर पर खबर को व्हाट्सएप पर शेयर करें… ई. शिव कुमार, “ई. राज”- नेशनल टीवी रिपोर्टर–इंडिया Tv, न्यूज़ नेशन, न्यूज़ स्टेट, इंडिया News, सम्पूर्ण नालंदा जिला -9334598481. नोट :- मेरे अलावा इन चैनलों में और कोई नालंदा जिले से रिपोर्टर नहीं है, अगर कोई बोलता है तो हमें कॉल करके शिकायत करें…
.. हमारी मुहिम .. नशा मुक्त हर घर .. बच्चे और नवयुवक ड्रग्स छोड़ें .. जीवन बचाएं, जीवन अनमोल है .. नशा करने वाले संगति से बचे ..
… हमारे प्लेटफार्म पर गूगल द्वारा प्रसारित विज्ञापन का हमारे चैनल के द्वारा कोई निजी परामर्श नहीं है, वह स्वतः प्रसारित होता है …
#ख़बरें Tv: हैदराबाद/राजगीर, बिहार | 11 जुलाई, 2026: नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने हैदराबाद स्थित कान्हा शांति वनम् में आयोजित ‘द हार्ट ऑफ ए जैन’ अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने हार्टफुलनेस के अध्यक्ष एवं विश्वप्रसिद्ध आध्यात्मिक मार्गदर्शक पूज्य दाजी (श्री कमलेश डी. पटेल) से शिष्टाचार भेंट की तथा भारतीय ज्ञान परंपरा, मानवीय मूल्यों और सतत विकास जैसे विषयों पर सार्थक संवाद किया।
इस अवसर पर पूज्य दाजी ने प्रोफेसर चतुर्वेदी को अपनी नवीनतम पुस्तक ‘द हार्ट ऑफ जैनिज्म’ भेंट की हस्ताक्षरित प्रति भी उन्हें भेंट किया।
अपने विशेष संबोधन में प्रोफेसर चतुर्वेदी ने आज के वैश्विक परिप्रेक्ष्य में जैन दर्शन की प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान ऋषभदेव की शिक्षाएँ नैतिक नेतृत्व, सतत विकास, अहिंसा और मानव कल्याण जैसे विषयों पर आज भी विश्व को महत्वपूर्ण दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक भगवान ऋषभदेव के दर्शन और उनकी शिक्षाओं की आधुनिक समाज में प्रासंगिकता को सारगर्भित रूप से प्रस्तुत करती है।

प्रोफेसर चतुर्वेदी ने इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय में ‘जैन अध्ययन केंद्र’ (सेंटर फॉर जैन स्टडीज) स्थापित करने की विश्वविद्यालय की परिकल्पना भी साझा की। उन्होंने कहा कि यह पहल भारतीय ज्ञान परंपरा, दार्शनिक चिंतन तथा अंतर्विषयक अनुसंधान को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।
कान्हा शांति वनम् प्रवास के दौरान कुलपति ने पूज्य दाजी की गरिमामयी उपस्थिति में हार्टफुलनेस ध्यान सत्र में शामिल हुए तथा हार्टफुलनेस समुदाय के सदस्यों से भी संवाद किया। उन्होंने हार्टफुलनेस सीड साइंस लेबोरेटरी का भी अवलोकन किया और स्थानीय पौधों की प्रजातियों के संरक्षण, स्वदेशी वृक्षों के व्यापक रोपण तथा जैव विविधता को समृद्ध बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे पारिस्थितिक पुनर्स्थापन के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर नालंदा विश्वविद्यालय और हार्टफुलनेस के बीच भारतीय ज्ञान परंपरा, सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण जैसे विषयों पर सहयोग तथा विचार-विमर्श को और मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त किया गया।
