हरनौत रेल कारखाना के स्वास्थ्य इकाई में मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ मिश्रा का निरीक्षण….

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#ख़बरें Tv: आज शुक्रवार दिनांक 13 मार्च 2026 को हरनौत रेल कारखाना के स्वास्थ्य इकाई में मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ सुबोध कुमार मिश्रा का निरीक्षण कार्यक्रम था। इस दौरान उनके साथ हाजीपुर से पीएस श्री संजय उपाध्याय भी उपस्थित थे। मुख्य स्वास्थ्य निदेशक ने हेल्थ यूनिट का गहनता से जांच किया तथा जहां भी जरूरी लगा वहां पर हेल्थ यूनिट के डॉक्टर लवली सिंह और डॉक्टर हरिश्मा को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जांच के क्रम में ईसीआरकेयू के शाखा सचिव पूर्णानंद मिश्र के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें शाखा अध्यक्ष महेश महतो, कोषाध्यक्ष मनोज मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष बच्चा लाल प्रसाद, उपाध्यक्ष रंजीत कुमार, सीसीएम बासुकीनाथ उपाध्याय, डीटीजीएम पवन कुमार सहित कई यूनियन प्रतिनिधि मौजूद थे, मुख्य स्वास्थ्य निदेशक का पुस्तक देकर स्वागत किया तथा हरनौत में कर्मचारियों से जुड़े स्वास्थ्य समस्याओं और उसके निदान पर विस्तार से चर्चा किया। चर्चा के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों ने हेल्थ यूनिट को डिविजनल अस्पताल में अपग्रेड करने, बिहार शरीफ के किसी अच्छे अस्पताल तथा अल्ट्रासाउंड सेंटर को रेलवे से टाई अप करने, हरनौत से डॉक्टर के लिखे परामर्श के आधार पर सुपर अस्पताल पटना में डायरेक्ट जांच और अल्ट्रासाउंड करने तथा इमरजेंसी के हालात में हरनौत के डॉक्टर को ही मरीज बिना सुपर अस्पताल भेजें टाइअप वाले प्राइवेट अस्पताल में डायरेक्ट रेफर करने का पावर देने का मांग किया। मुख्य स्वास्थ्य निदेशक ने डिविजनल अस्पताल में अपग्रेडेशन के मुद्दे पर बताया कि यह रेलवे बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में आता है। आप लोग के मांग को रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। बिहार शरीफ में अस्पताल को रेलवे से टाइअप करने के मुद्दे पर उन्होंने बताया कि इस पर भविष्य में विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हरनौत के डॉक्टर के परामर्श पर सुपर अस्पताल में डायरेक्ट अल्ट्रासाउंड करने का मुद्दा अच्छा है। सेंट्रल अस्पताल पटना में अब ऐसा व्यवस्था किया जाएगा। इस हेतु सेंट्रल अस्पताल में आवश्यक दिशा निर्देश दिया जाएगा। इमरजेंसी के समय में रेफरल के मुद्दे पर मुख्य चिकित्सा निदेशक ने बताया कि अब ऐसा व्यवस्था किया गया है कि हमारा रेलवे कर्मचारी तथा उसपर आश्रित पारिवारिक जन कभी भी इमरजेंसी के हालात में डायरेक्ट टाइप अस्पताल में चल जाए। उनके पास वैलिड उम्मीद कार्ड और जिस मोबाइल नंबर से उम्मीद कार्ड जुड़ा हुआ है, वह चालू अवस्था में होना चाहिए। उनका डायरेक्ट पहले कैशलेस इलाज होगा। रेफरल और अन्य कागजाती कार्य बाद में किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि हरनौत से डीएमओ डायरेक्ट भी रेफर कर सकते हैं। इस मौके पर हेल्थ यूनिट के डॉक्टर लवली सिंह और डॉक्टर हरिश्मा सहित अन्य मेडिकल स्टाफ की उपस्थित थे।
