July 14, 2024

भारत के इंटेलिजेंस एजेंसियों का दावा

भारत के इंटेलिजेंस एजेंसियों का दावा है कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में आतंकवादियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इसी जिले में करतारपुर साहिब गुरुद्वारा स्थित है, भारत के सिख तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर के खुलने के लगभग एक सप्ताह पहले ही यह खुफिया अलर्ट प्राप्त हुआ है, 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होना है, गौरतलब है कि पिछले दिनों पंजाब में पाकिस्तानी ड्रोनों द्वारा हथियारों की तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं, ऐसे में अब इस खुलासे ने पाकिस्तान की नापाक साजिश की पोल खोल दी है|

बता दें कि यह कॉरिडोर भारत के पंजाब के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक साहिब को पाकिस्तान के पंजाब के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारे से जोड़ेगा, बीएसएफ के सूत्रों ने कहा कि आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुरीदके, शकरगढ़ और नारोवाल में स्थित हैं, यहां पर पुरुष और महिलाएं प्रशिक्षण ले रहे हैं, इसका खुलासा हाल ही में पंजाब में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों पर चर्चा के दौरान हुआ, इस दौरान देश की सभी शीर्ष सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त बैठक हुई थी|


भारत कि क्या है चुनौती
एजेंसियों ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती, करतारपुर कॉरिडोर का खुलना है, क्योंकि पाकिस्तान के कुछ अराजक तत्वों द्वारा भारत विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सकता है, विशेष रूप से उनके तीर्थयात्रियों के संपर्क में आने की संभावना है|
पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्क चिंता का विषय
भारतीय क्षेत्र में 3-4 किमी तक पाकिस्तान के मोबाइल नेटवर्क आने से भी एजेंसियां चिंतित हैं, एजेंसियों का कहना है कि इसका इस्तेमाल ड्रग तस्करों और उन लोगों द्वारा किया जा सकता है जो देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं|
बता दें कि इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह कह चुके हैं कि करतारपुर कॉरिडोर खोलना पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ का एजेंड़ा हो सकता है, उन्होंने कहा था कि यह सिख भाईचारे को प्रभावित करने की यह चाल हो सकती है, ऐसे में भारत को सतर्क रहने की जरुरत है.